लखनऊ विश्वविद्यालय की जिद के चलते बीपीएड कोर्स के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का साल बर्बाद होना तय हो गया है। पहले विवि ने बिना मान्यता ही इस कोर्स केलिए आवेदन लिए और अब गुपचुप तरीके से अभ्यर्थियों को फोन कर बुलाया जा रहा है और उनके द्वारा जमा शुल्क का ड्राफ्ट वापस किया जा रहा है।
सार्वजनिक तौर पर भले ही विवि ने कोर्स न चलाने की घोषणा नहीं की लेकिन अभ्यर्थियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि कोर्स नहीं चलेगा इसलिए वे अपना आवेदन शुल्क वापस ले सकते हैं। इस समय सभी जगह प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। इस कोर्स में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं कि अब उनको कहीं प्रवेश नहीं मिलेगा।
‘अमर उजाला’ ने 12 सितंबर के अंक में ‘इस साल भी बीपीएड की पढ़ाई मुश्किल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पहले ही आशंका जताई थी कि एलयू में बीपीएड का कोर्स नहीं चलेगा। इस बार एलयू में बीपीएड के लिए 130 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
एक आवेदक नेहा सिंह ने बताया कि मुझे तो अब तक नहीं पता कि बीपीएड कोर्स नहीं चलेगा और न ही आवेदन शुल्क वापस मिलने की जानकारी है। यदि ऐसा है तो विवि को इसकी सूचना सार्वजनिक करनी चाहिए। अभ्यर्थियों को धोखे में रखकर प्रवेश लिए गए जो गलत है। इस तरह से बिना मान्यता आवेदन के लिए विवि पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।