शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन की आखिरी डेट 17 जून (बुधवार) है, फिर भी कानपुर के बीएड कॉलेजों की ज्यादातर सीटें खाली हैं। मोहिनी बी मनवानी गर्ल्स कॉलेज पनकी में बीएड की 300 सीटें हैं लेकिन एडमिशन के लिए 30 स्टूडेंट ने विकल्प लॉक किए हैं।
200 सीट वाले अभिनव सेवा संस्थान शारदा नगर को 10 स्टूडेंट मिले हैं। इससे कॉलेज संचालक और शिक्षक निराश हैं। उनका कहना है कि एडमिशन का यही हाल रहा तो बीएड कॉलेज बंद हो जाएंगे, क्योंकि पिछले तीन साल से सीटें नहीं भरी हैं।
बीएड की ऑनलाइन काउंसलिंग आखिरी पड़ाव पर है। बुधवार को शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन होगा, फिर कॉलेजों के विकल्प लॉक किए जाएंगे।
यह सिलसिला 20 जून तक चलेगा। एलाटमेंट लेटर 22 जून तक डाउनलोड होंगे। यही वजह है कि शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुधवार को अंतिम रैंक तक के स्टूडेंट बुलाए गए हैं।
यूपी में हो चुकी है इतने लोगों की काउंसलिंग
16 जून तक बीएड काउंसलिंग के जो रिकार्ड मिले हैं, उसके मुताबिक यूपी के विभिन्न केंद्रों पर एक लाख 40 हजार स्टूडेंट की काउंसलिंग कराई जा चुकी है। इसके बावजूद 45922 स्टूडेंट ने ही कॉलेज और उनके सीटों के विकल्प लॉक किए हैं।
5355 स्टूडेंट ऐसे हैं, जिन्होंने टोकन लेने या फिर विकल्प लॉक करने के बाद बीएड की पढ़ाई का ख्याल छोड़ दिया हैं। विकल्प लॉक करने वाले 2895 स्टूडेंट ने पांच-पांच हजार रुपये की सिक्योरिटी फीस वापस ले ली है।
एडमिशन का यही हाल रहा तो यूपी के 11 राज्य विश्वविद्यालय और उनसे संबद्ध कॉलेजों की एक लाख से ज्यादा बीएड कॉलेजों की सीटें खाली रह जाएंगी। शहर के बीएड कॉलेजों में भी स्थिति काफी खराब हैं।
सेल्फ फाइनेंस कोर्स के श्रीशक्ति डिग्री कॉलेज, सरस्वती महिला महाविद्यालय, डीएवी, डीबीएस, डीजी, जगवंत सिंह भदौरिया, एसजे, बंशी कॉलेज, भगवंती एजूकेशन सेंटर, एसएसए, राम मनोहर लोहिया और शहीद भगत सिंह समेत तमाम कॉलेजों की सीटें खाली हैं। तमाम कॉलेज ऐसे हैं, जिनके एडमिशन का खाता तक नहीं खुला है।