आर्ट्स कॉलेज में लंबे समय से कई समस्याओं को झेलते आ रहे छात्रों का
गुस्सा मंगलवार को फूट ही पड़ा।
छात्रों ने पहले आपस में मीटिंग कर अपनी
समस्याओं की फेहरिस्त तैयार की और फिर प्रिंसिपल से मिलकर समस्याओं के
समाधान की मांग की।
समस्याओं को लेकर कॉलेज
के सभी विभागों और कक्षाओं के छात्र एकजुट थे। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई
में प्रैक्टिकल के लिए सारा सामान उन्हें खुद ही खरीदना पड़ता है जबकि से
कॉलेज को देना चाहिए।
इसके अलावा भी कई अन्य कामों में भी खर्चे होते हैं।
एक छात्र ने बताया कि पिछले 10 दिन में वह लोग लगभग 2000 रुपये पेंटिंग के
प्रैक्टिकल पर खर्च कर चुका है।
उनका कहना था कि बहुत-से शिक्षक लेक्चर
लेने ही नहीं आते। छात्रों ने बताया कि उन्होंने प्रिंसिपल से बात कर ली
है। अगर समाधान न हुआ तो वे कुलपति से मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो
राज्यपाल-मुख्यमंत्री तक समस्याएं ले जाएंगे।
मिलने लगा पीने का साफ पानीआर्ट्स
कॉलेज में स्टूडेंट्स को पीने का साफ पानी मिलने लगा। कॉलेज की कैंटीन में
वर्षों से खराब पड़ा वॉटर प्यूरीफायर कॉलेज प्रशासन के निर्देश के बाद सही
करा दिया गया।
‘अमर उजाला’ ने अपने 1 सितंबर के अंक में ‘मिट्टी में मिल
रहा छात्रों का हुनर’ नाम से खबर प्रकाशित करके स्टूडेंट्स की विभिन्न
समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था।
इसके तत्काल बाद प्राचार्य पी राजीवनयन
ने वॉटर प्यूरीफायर ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कॉलेज को
जो एक और वॉटर प्यूरीफायर स्वीकृत है, उसे भी जल्द से जल्द लगवाने का
प्रयास किया जा रहा है।
इसके लिए कुलपति से भी बात की गई है। कॉलेज की
कैंटीन का वॉटर प्यूरीफायर तीन साल से खराब था। इसके अलावा 2011 में कॉलेज
को सैंक्शन हुआ एक नया वॉटर प्यूरीफायर भी अब तक नहीं लग पाया है।