‘मेरा रुझान बीटेक, फोटोग्राफी और आर्ट्स तीनों में है। समझ नहीं आता कि करियर किसमें बनाऊं? लॉ करना चाहती हूं लेकिन पेरेंट्स वकालत से मना करते हैं।
क्या करूं? जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा के सहयोग से अमर उजाला की ओर से रविवार को हुए ‘अमर उजाला फाइनल काउंटडाउन’ में स्टूडेंट्स ने विशेषज्ञों से ऐसे ढेरों सवाल किए।
सिटी मॉंटेसरी स्कूल में हुए इस कार्यक्रम में काउंसलर्स ने स्टूडेंट्स को टिप्स दिए। यहां 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा भी हुई, जिसमें उनसे 12वीं के सिलेबस और जनरल अवेयरनेस के सवाल पूछे गए।
परीक्षा के बाद काउंसलर्स ने स्टूडेंट्स से व्यक्तिगत रूप से बात कर उनकी शंकाओं को दूर किया। कार्यक्रम के पहले चरण में अमर उजाला ने ऑनलाइन टेस्ट कराया। इसके प्रतिभागियों ने रविवार के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार स्टूडेंट्स कुछ करना चाहते हैं लेकिन उनके अभिभावक उसे स्वीकार नहीं करते। ऐसे में बीच का रास्ता अपनाएं।
अगर कोई वकालत के क्षेत्र में जाना चाहता है और उसके अभिभावक नहीं मान रहे तो वह बीबीए के बाद लॉ स्पेशलाइजेशन के साथ एमबीए कर सकता है।
इसके बाद वह कानूनी सलाहकार, कानूनी ब्लॉग राइटर, लॉ का शिक्षक बन सकता है। कहा कि पहले कहा जाता था ‘खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब’ लेकिन अब समय बदल चुका है। खेल के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं।
यह कार्यक्रम लखनऊ के अलावा बरेली, आगरा, देहरादून, पटना, जमशेदपुर, ग्वालियर, चंडीगढ़ और शिमला में भी चल रहा है। सभी क्षेत्रों से टॉप पांच स्टूडेंट्स का चुनाव कर अंतिम परीक्षा 16 फरवरी को होगी।
इसके विजेताओं को जीएलए यूनिवर्सिटी की ओर से स्कॉलरशिप व अमर उजाला की ओर से स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। कार्यक्रम के अवसर पर अमर उजाला के आलोक अवस्थी, अमृतांशु व अन्य लोग उपस्थित रहे।
रंजीत मद्घेसिया ने बताया कि मेरा रुझान आर्मी में है लेकिन पेरेंट्स के कहने पर पॉलिटेक्निक में प्रवेश लिया लेकिन मन नहीं लगता। काउंसिलिंग सेशन में काफी कुछ जानने को मिला।
निश्चित रूप से अब अपने कॅरिअर को नई दिशा दे पाऊंगा। कमल नयन सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग में जाना है लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि किस ट्रेड को चुनूं।
यहां आकर मेरी क्वेरी शांत हुई। इस तरह की कार्यशाला समय-समय पर होनी चाहिए। काफी कुछ जानने को मिला। अपूर्वा श्रीवास्तव ने बताया कि कानून की पढ़ाई में रुझान है लेकिन पैरेंट्स मना करते हैं।
कहते हैं लड़कियों के लिए मेडिकल, इंजीनियरिंग और टीचिंग का क्षेत्र अच्छा है। यहां मुझे पता चला कि किस तरह अपने पैरेंट्स को राजी करके मन का कोर्स कर सकती हूं।
तनिष्का श्रीवास्तव ने बताया कि समझ नहीं आ रहा था कि बीटेक के साथ फोटोग्राफी करूं या बाद में। सर ने बताया कि इंस्ट्रूमेन्टेशन इंजीनियरिंग करकेकिसी लेन्स बनाने वाली कम्पनी जैसे कैनन या निकॉन में जॉब कर सकती हूं। इससे दोनों फील्ड से जुड़ जाउंगी।