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कम प्रतिशत में भी दाखिले के अच्छे मौके हैं यहां

Sun, 07 Jun 2015 05:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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12वीं पास कर ली, अब क्या करें। कम प्रतिशत रह गए हैं। बीएससी में दाखिला लेकर अब पढ़ने का मन नहीं है... ऐसे तमाम सवाल आए अमर उजाला की कॅरियर हेल्पलाइन में।
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हमारे विशेषज्ञों ने ऐसे तमाम सवालों के जवाब दिए हैं, जिनमें से चुनिंदा और अहम सवाल व उनके जवाब यहां प्रकाशित किए जा रहे हैं।

सवाल : मैं इंजीनियरिंग करना चाहता हूं। मैंने जेईई मेंस में 87 अंक हासिल किए हैं। उत्तराखंड में क्या किसी अच्छे कालेज में दाखिला मिल सकता है। - विकास डिमरी
जवाब : उत्तराखंड के कालेजों में उत्तराखंड तकनीकी विवि की ओर से ऑनलाइन काउंसिलिंग आयोजित कराई जाएगी। यह काउंसिलिंग जेईई मेंस की कॉमन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगी। विवि इसका कार्यक्रम जल्द जारी करेगा। अच्छी रैंक आने पर आपको सरकारी इंजीनियरिंग कालेज भी मिल सकता है।
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सवाल : मैंने हाल ही में 85 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की है। मेरे गणित में कम अंक रह गए हैं। समझ नहीं आ रहा है कि मैं बीटेक करूं  या बीएससी? कृपया सुझाएं। - रोहित कांडपाल
जवाब : 85 प्रतिशत अंक इंजीनियरिंग के लिहाज से अच्छे हैं। अगर आपकी गणित में रुचि है तो आप मेकेनिकल इंजीनियरिंग का विकल्प चुन सकते हैं। बीएससी और बीटेक की तुलना करें तो आपके अंकों के हिसाब से इंजीनियरिंग बेहतर हो सकती है।

सवाल : सर, मैंने हाल ही में उत्तराखंड बोर्ड से 66 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की है। यूपीएमटी परीक्षा पास नहीं कर पाई हूं। कृपया मुझे सही राह सुझाएं ताकि मेरा साल बर्बाद होने से बच सके। - अलीस कैंतुरा, श्रीनगर
जवाब : अगर आप मेडिकल से जुड़े फील्ड में ही कॅरियर बनाना चाहती हैं तो आपके पास नर्सिंग, पैरामेडिकल जैसे विकल्प मौजूद हैं। एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से नर्सिंग की आवेदन प्रक्रिया चल रही है। पैरामेडिकल कोर्सेज के लिए कई निजी कालेज बेहतर विकल्प हो सकते हैं। एमबीबीएस ही करना है तो एक साल ड्रॉप कर तैयारी कर सकती हैं।

सवाल : मैंने 73 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की है। असमंजस में हूं कि बीएससी ऑनर्स करूं या बीसीए। कौन सा बेहतर होगा। - पूजा गुप्ता
जवाब : देखिए, अगर आपका कंप्यूटर में रुझान है तो बीसीए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। अगर विज्ञान में रुचि है तो बीएससी ऑनर्स भी कर सकती हैं। दून विवि में बीएससी ऑनर्स की आवेदन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन मिलेगा।

सवाल : सर, मैं बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। पालीटेक्निक करना चाहता हूं। क्या सही रहेगा। - अंकित डिमरी
जवाब : बिल्कुल नहीं। आपको चाहिए कि आप बीकॉम पूरा करें। साथ ही एसएससी, बैंकिंग और एलआईसी जैसी भर्तियों की तैयारी में जुट जाएं। बीकॉम के बाद भी एमबीए सहित तमाम विकल्प खुलते हैं।

सवाल : सर आईआईटी में दाखिले के लिए उत्तराखंड बोर्ड का टॉप 20 परसेंटाइल क्या है। - पंकज अग्रवाल
जवाब : अभी आईआईटी के लिए टॉप 20 परसेंटाइल की घोषणा नहीं की गई है। जल्द ही यह डाटा भी जारी कर दिया जाएगा। वैसे आईआईटी में एडमिशन के लिए परसेंटाइल के अलावा अगर 12वीं में 75 प्रतिशत अंक हैं तो एंट्री मिलती है।

सवाल : सर मैंने, जेईई मेंस में 41 अंक और 12वीं में सीबीएसई से 86 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। क्या मुझे कोई सरकारी इंजीनियरिंग कालेज मिल सकता है। मैं ओबीसी कैटेगरी से हूं। या मैं एक साल ड्रॉप कर जेईई मेंस व जेईई एडवांस की तैयारी कर सकता हूं। - विकास कुमार
जवाब : सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिले के लिए जेईई मेंस की कॉमन मेरिट लिस्ट में मिलने वाली स्टेट रैंक मायने रखती है। आपको अभी सीएमएल का इंतजार करना चाहिए। अगर अच्छी रैंक न मिल पाई तो आप एक साल तैयारी कर सकते हैं।

सवाल : मैं बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा हूं। मैं मेडिकल लाइन में कॅरियर बनाना चाहती हूं। मैंने प्रतियोगी परीक्षाएं भी दी लेकिन सफल नहीं हो पाई। बहुत चिंता में हूं। समझ नहीं आ रहा है कि बीएससी मेरे लिए सही विकल्प है या नहीं। - प्रीति
जवाब : आपको सबसे पहले पूरी लगन से बीएससी पूरा करना चाहिए। अगर मेडिकल फील्ड में ही जाना है तो आप एमबीबीएस के बजाए पैरामेडिकल और नर्सिंग जैसे विकल्प चुन सकती हैं। आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है। विकल्पों की भरमार है।
(बाकी सवाल और उनके जवाब कल प्रकाशित किए जाएंगे)

ये हैं विशेषज्ञ
- डा. सोना कौशल, सीबीएसई काउंसलर और न्यूरो साइकोलॉजिस्ट।
- अमित मित्तल, कॅरियर एक्सपर्ट एवं विषय चयन एक्सपर्ट
- अरविंद गुप्ता, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक एक्सपर्ट
- मनुज मित्तल, कॅरियर काउंसलर

ईमेल करके पूछें सवाल
जो युवा और अभिभावक अमर उजाला हेल्पलाइन सेवा में फोन करके जानकारी हासिल करने से वंचित रह गए हैं। उनके पास अभी भी मौका है। अमर उजाला की ओर से दिए गए ईमेल एड्रेस पर वह अपने सवाल भेज सकते हैं। सप्ताह में एक बार विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद उनके जवाब अमर उजाला में प्रकाशित किए जाएंगे।
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सवाल पूछने के लिए यहां भेजें ईमेल : ddn-cityreporter@ddn.amarujala.com, editor@ddn.amarujala.com
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