बीए, बीएससी और बीकॉम में दाखिला संकट खत्म करने के मकसद से उत्तराखंड सरकार ने दून विश्वविद्यालय में भी ये पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया था।
शासन को भेजा प्रस्ताव
विश्वविद्यालय सरकार के निर्देश के पालन को तो तैयार है, लेकिन नियमों और शुल्क में राहत नहीं देने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। दून विश्वविद्यालय ने शासन को जो प्रस्ताव भेजा है यदि उसे मान लिया गया तो सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए भी छात्रों को 22 हजार रुपए सालाना शुल्क देना होगा।
शासन को भेजे पत्र में कहा गया है कि बीए, बीएससी और बीकॉम का कोर्स तो शुरू किया जाएगा, लेकिन विवि की साख अहम है। ऐसे में इन कोर्सों में भी एडमिशन प्रवेश परीक्षा के जरिये ही किए जाएंगे। यही नहीं, विवि में संचालित अन्य स्नातक कोर्स की तर्ज पर बीए, बीएससी और बीकॉम के प्रास्पेक्टस की कीमत भी 600 रुपए प्रस्तावित की गई है।
50 प्रतिशत वालों को ही दाखिला
दून विश्वविद्यालय में अन्य यूजी पाठ्यक्रमों की तरह ही बीए, बीएससी और बीकॉम में भी दाखिले का क्राइटेरिया एक जैसा होगा।
सामान्य और ओबीसी छात्र के 12वीं में 50 प्रतिशत और एससी व एसटी छात्र के 12वीं में कम से कम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। विवि के बीजेएमसी, बीसीए, लैंग्वेज कोर्स की तरह बीए, बीएससी और बीकॉम में भी प्रवेश परीक्षा ही आयोजित कराई जाएगी।
यहां सिर्फ दो हजार का खर्च
एक ओर दून विश्वविद्यालय में बीए, बीएससी और बीकॉम के लिए 600 रुपए का प्रास्पेक्टस और 22 हजार सालाना खर्च आएगा। वहीं, डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर और एमकेपी में 10 रुपए का मेरिट फार्म, औसतन 40 रुपए का प्रास्पेक्टस और करीब दो हजार रुपए सालाना खर्च आएगा।
विवि में राज्य सरकार की ओर से विवि में विभिन्न पाठ्यक्रमों का जो शुल्क पहले से निर्धारित है, उसी शुल्क के तहत यूजी पाठ्यक्रमों (बीए, बीएससी और बीकॉम) का दाखिला किया जाएगा। शासन को भेजे प्रस्ताव में यह नियमावली भी साथ में भेजी गई है।
- डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, उपकुलसचिव, दून विवि