एसईई में आवेदन करने वाले करीब पांच हजार स्टूडेंट के एडमिट कार्ड रोक दिए गए हैं।
इनमें से कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनके फॉर्म पर या तो फोटो धुंधली है या फिर सिग्नेचर स्पष्ट नहीं है।
कई आवेदन तो ऐसे भी हैं, जिनमें फोटो, सिग्नेचर अपलोड ही नहीं किए गए हैं। एसईई में कहीं कोई इसका गलत लाभ न उठा ले, इसके मद्देनजर अब वेरिफिकेशन के बाद ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
इन स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड अब नोडल सेंटर पर बनाए जाएंगे। राजधानी में नोडल सेंटर रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी है।
एसईई के प्रवेश समन्वयक प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि इन स्टूडेंट्स के फॉर्म पर स्कैन की गई फोटो धुंधली है और सिग्नेचर भी साफ नहीं है। इसके अलावा कुछ स्टूडेंट ऐसे हैं, जिन्होंने थंब इंप्रेशन, फोटो व सिग्नेचर अपलोड नहीं किया है।
ऐसे में एसईई में आगे किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए इन स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड ऑनलाइन नहीं किए गए हैं।
ऐसे स्टूडेंट जब एसईई की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम डालेंगे तो तुरंत एक ब्लिंग करते हुए एक मैसेज दिखाई देगा।
उस पर लिखा होगा कि उनका एडमिट कार्ड आवेदन पर क्या चीज गड़बड़ होने के कारण रोक लिया गया है।
अब इन स्टूडेंट को अपने नोडल सेंटर पर अपनी एक फोटो, आईडी प्रूफ व आवेदन फॉर्म भरने का प्रूफ साथ लेकर जाना होगा।
यहां पर नोडल अधिकारी ऑनलाइन इन स्टूडेंट्स का वेरिफिकेशन करेगा। उसके बाद मौके पर दोबारा स्टूडेंट्स की फोटो खींची जाएगी, उनका थंब इंप्रेशन लिया जाएगा और स्ग्निेचर करवाया जाएगा।
इसके बाद स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र मौके पर जारी कर दिया जाएगा। एसईई में कोई गड़बड़ी या सेंधमारी न हो सके, इसके लिए इस बार पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अबकी एडमिट कार्ड भी करवाना होगा अटेस्ट
इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में बीटेक, बीआर्क, बीएचएमसीटी सहित स्नातक स्तरीय कोर्सेज में दाखिले केलिए 20 अप्रैल को होने जा रही राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में इस बार काफी सख्ती की जा रही है।
बीते साल सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश होने के बाद इस बार उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) सख्त इंतजाम कर रहा है।
इस बार स्टूडेंट्स को जो एडमिट कार्ड मिल रहा है, उसमें एक कॉलम बना हुआ है, जिस पर स्टूडेंट को अपने स्कूल व कॉलेज के प्रिंसिपल या फिर गजटेड ऑफिसर से उसे अटेस्ट करवाना होगा।
इसके अलावा परीक्षा कक्ष में स्टूडेंट्स को अपनी दो कलर फोटोग्राफ लेकर जाना होगा। यहां पर भी स्टूडेंट्स का वेरिफिकेशन होगा और उसके बाद वह परीक्षा दे पाएगा।
अगर किसी स्टूडेंट ने कोई गड़बड़ी करने की कोशिश की तो वह तुरंत पकड़ में आ जाएगा।