देहरादून स्थित स्कूल परिसर में किताब बेचने और छात्रों से रीटेस्ट कराए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्कॉलर्स होम में विरोध जताया।
प्राचार्य और छात्र नेताओं के बीच हुई नोकझोंक
इसके विरोध में प्राचार्य और छात्र नेताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत ने छात्र नेताओं को समझाया तो वह लौट गए और शाम को ज्ञापन सौंपा।
एबीवीपी के सदस्य प्रदेश सहमंत्री आशीष बहुगुणा के नेतृत्व में स्कॉलर्स होम स्कूल पहुंचे। छात्रों का कहना था कि स्कूल नियम विरुद्ध परिसर में किताबों की दुकान चला रहा है।
इस पर प्राचार्य छाया खन्ना ने कहा कि अभिभावकों की जरूरत के मुताबिक यहां किताबें दी जा रही हैं। सीबीएसई की किताबें बाजार में नहीं मिलती हैं। इसलिए वह किताबें बेच सकते हैं।
अपनी लिखित समस्या दें
इस बीच कई बार छात्र नेताओं की प्राचार्य के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत भी पहुंचे। उन्होंने आचार संहिता का हवाला देते हुए छात्र नेताओं को कहा कि वह अपनी लिखित समस्या उन्हें दे दें।
जिला प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। शाम को संगठन ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने संबंधी ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया सौंपा।
इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री मधुसूदन जोशी, जिला सहसंयोजक अंकित सुंदरियाल और निखिल चौधरी मौजूद रहे।
एबीवीपी कार्यकर्ता जिला प्रशासन की मनाही और आचार संहिता लागू होने के बावजूद अचानक स्कूल में आकर हंगामा करने लगे। हमने इसकी शिकायत पुलिस से की है।
- छाया खन्ना, प्रिंसिपल, स्कॉलर्स होम स्कूल
आचार संहिता लागू है। हमने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह छात्रों के इस प्रकार से स्कूल में आने को कानूनी नजरिए से देख ले। जो भी कार्रवाई संभव होगी, हम उनके खिलाफ करेंगे।
- जीसी गुणवंत, सिटी मजिस्ट्रेट
स्कूल प्रशासन की ओर से मनमानी पर लगाम लगाने के बजाए उल्टा हमारे खिलाफ ही कार्रवाई करवाना सरासर गलत है। इस तरह की तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम वहां केवल बात करने को गए थे, कोई हंगामा या शांति भंग करने नहीं।
- आशीष बहुगुणा, प्रदेश सहमंत्री, एबीवीपी