जहां एक ओर आज भी हमारे समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य उपराध पर रोक नहीं लग पा रही है। वहीं दूसरी ओर हमारी बेमिसाल बेटियां अपनी प्रतिभा के दम पर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि गांव शहर सहित प्रदेश का नाम रोशन करने में लगी हुई हैं।
प्रदेश में अभी भी महिला-पुरुष लिंगानुपात बराबरी पर नहीं आ सका है, लेकिन हमारी बेटियां पुरुषों की न सिर्फ बराबरी कर रहीं हैं, बल्कि कई बार उन्हें पीछे छोड़ते हुए नए मुकाम हासिल कर रहीं हैं।
ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, खंड के गांव बुदशैली की लाड़लियों ने। गांव की तीन बहनें भारती पंवार, रीतू पंवार और नीलिमा पंवार समाज के लिए एक मिसाल बन गई है।