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शातिर अपराधी ने जेल से फेसबुक में डाली फोटो

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यूपी के मिर्जापुर जिला जेल में बंद कई अपराधी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर सक्रिय हैं। इसमें पूर्वांचल में कई जिलों में शूटरों की फौज खड़ी करने वाला अविनाश यादव भी शामिल है। ये अपराधी जेल में मोबाइल, सिम और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करते हुए अपना फेसबुक एकाउंट नियमित अपडेट करते हैं।
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अनपरा के परासी गांव के कुख्यात शूटर अविनाश यादव का फेसबुक अकाउंट अविनाश सिंह सिंह उर्फ डान के नाम से है। उसकी फ्रेंडलिस्ट में उनसे गृहनगर अनपरा के कुछ चर्चित चेहरों के अलावा सपा के एक कैबिनेट मंत्री के एक नजदीकी सहित 96 मित्र हैं।

अविनाश ने बीते 31 अक्टूबर को अपनी वाल में जो फोटो अपडेट की है, वह जिला जेल के भीतर की है। इससे जेल के सुरक्षातंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार मिर्जापुर जिला जेल में बंद कई अपराधी भीतर रहकर अपने फेसबुक एकाउंट चला रहे हैं। फेसबुक पर अपलोड जानकारी के अनुसार सेंट फ्रांसिस स्कूल अनपरा से शिक्षा प्राप्त करने वाले अविनाश यादव ने पिछले 31 अक्टूबर को अपने वाल पर जो फोटो अपडेट की है, वह जेल के भीतर की है।
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इसमें जेल की बैरकें और चबूतरा दिख रहा है। अविनाश की वाल पर दाऊद इब्राहिम और अबू सलेम जैसे कुख्यात माफियाओं की फोटो भी हैं। ये फोटो बीती दो जुलाई को डाली गई हैं। जबकि अविनाश बीते ढाई वर्ष से जेल में बंद है।
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बड़ा सवाल: किसने दी ये सुविधाएं?

कुख्यात शूटर की इन हरकतों से जिला जेलप्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गए हैं। यह भी सवाल उठता है कि इन अपराधियों को ये सुविधाएं कौन उपलब्ध करवा रहा है। इसी के साथ इस बात की भी तस्दीक हो रही है कि अविनाश जेल से ही अपने गिरोह का संचालन करने की स्थिति में है।

बताते चलें कि ढाई वर्ष पूर्व अविनाश ने अनपरा में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से वह जेल में है। इससे पहले उसका नाम इलाहाबाद में एक एटीएम लूटकांड, खनन व्यवसायियों और परियोजना ठेकेदारों से रंगदारी वसूली में प्रमुखता से आ चुका है। सोनभद्र के कई नेताओं की हत्या की साजिश रचने में भी उसका नाम है।

डीआईजी, जेल मुख्यालय आरपी सिंह ने बताया कि अविनाश की कई शिकायतें मिली हैं। हमने उसको दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब किसी भी बंदी को दूसरी जेल भेजने से पहले न्यायालय की अनुमति लेनी पड़ती है। मिर्जापुर जेल प्रबंधन उसके स्थानांतरण संबंधी आवेदन कर चुका है। जेल से फेसबुक एकाउंट चलाने के मामले को हम देख रहे हैं।

इस मामले में मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि अविनाश की गतिविधियां संदिग्ध हैं। इसके चलते उसे प्रदेश की दूसरी जेल में भेजने की अनुमति के लिए कोर्ट में आवेदन दिया जा चुका है। जहां तक फेसबुक एकाउंट के संचालन का मामला है हम जेल विभाग के अधिकारियों के साथ बात करके इसकी जांच करवाएंगे।
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