टेलीकॉम सेवा देने वाली देश की प्रमुख कंपनियां ग्राहकों को मुफ्त रोमिंग सुविधा देने के पक्ष में नहीं है।
कंपनियों का कहना है कि रोमिंग को फ्री करने के बदले एक अधिकतम शुल्क तय किया जाए या फिर कंपनियों को स्पेशल पैक ऑफर चलाने का विकल्प दिया जाए।
बृहस्पतिवार को टेलीकॉम नियामक ट्राई के चेयरमैन और टेलीकॉम कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में मौजूद एक कंपनी के प्रमुख ने बताया कि मुफ्त रोमिंग को लेकर बैठक में काफी चर्चा हुई है।
इधर ट्राई ने मुफ्त रोमिंग को लेकर अपना सुझाव तैयार कर लिया है। अगले 10-15 दिनों में ट्राई अपनी सिफारिश दे देगी।
अधिकतर टेलीकॉक कंपनियों के प्रमुखों का कहना था कि उन्हें रोमिंग शुल्क के रूप में राजस्व का बड़ा हिस्सा हासिल होता है। ऐसे में अगर रोमिंग शुल्क समाप्त किया जाता है तो इससे कंपनियों की वित्तीय सेहत पर असर पड़ेगा।
लिहाजा, कंपनियों के लिए रोमिंग को लेकर अधिकतम शुल्क तय कर दिया जाए। इसके अलावा बैठक में स्पेक्ट्रम संबंधी और अवांछित कॉल और एसएमएस के अलावा उद्योग से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।