माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली अरुणिमा सिन्हा को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में सहायक सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात किया जाएगा।
अप्रैल 2011 में सीआईएसएफ की एक भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए पद्मावती एक्सप्रेस से लखनऊ से दिल्ली आ रही अरुणिमा को कुछ बदमाशों ने ट्रेन से धक्का दे दिया था।
जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनके बाएं पैर को काटना पड़ा था।
सबसे ऊंचे शिखर को छुआ
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर निवासी अरुणिमा ने पिछले साल सीआईएसएफ में हेड कांस्टेबल की नियुक्ति के लिए हुई लिखित परीक्षा और कौशल क्षमता परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सीआईएसएफ अब अरुणिमा को सहायक सब इंस्पेक्टर बनाने पर विचार कर रहा है। सभी बाधाओं को धता बताने वाली अरुणिमा को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने का प्रस्ताव है।
25 वर्षीय अरुणिमा ने कृत्रिम पैर के सहारे अपनी जुझारू क्षमता की बदौलत 21 मई को दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर को छुआ।
प्रधानमंत्री ने की सराहना
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बयान जारी कर अरुणिमा की उपलब्धि की सराहना की है। उन्होंने कहा, ‘मैं अरुणिमा की उपलब्धि पर बेहद खुश हूं। जो एक कृत्रिम पैर के सहारे माउंट एवरेस्ट पर जीत हासिल कर भारत की पहली महिला बन गई हैं। मैं उनकी सफलता को सलाम करता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। उनकी यह सफलता लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।’