टेलीकॉम आयोग (टीसी) ने 2100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नीलामी के मामले में भारतीय दूरसंचार विनियामक आयोग (ट्राई) की सिफारिश को नकराते हुए नई नीलामी कीमत तय कर दी है।
सोमवार को टीसी की तरफ से तय नीलामी मूल्य ट्राई की सिफारिश के मुकाबले 36 फीसदी अधिक है। जल्दी ही कैबिनेट की मुहर के लिए इस मूल्य को कैबिनेट कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा। टीसी दूरसंचार विभाग की नीति निर्धारण मामले की सबसे उच्च समूह है।
टीसी ने 2100 बैंड पर स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए प्रति मेगाहर्ट्ज 3700 करोड़ रुपये का सुरक्षित मूल्य तय किया है। ट्राई की तरफ से यह मूल्य 2720 करोड़ रुपये का था। स्पेक्ट्रम की नीलामी आगामी 25 फरवरी को प्रस्तावित है।
टीसी की बैठक में यह भी तय किया गया कि 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड के सिर्फ पांच मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को नीलामी के लिए रखा जाएगा। इससे सरकार को 18,500 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। यह भी तय किया गया कि फरवरी में 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड के अलावा 800, 900 व 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड पर भी नीलामी की जाएगी। सरकार को इन सभी नीलामी के 80000-100000 करोड़ रुपये तक की प्राप्ति का अनुमान है।
पिछले सप्ताह टीसी ने 2100 मेगाहर्ट्ज पर स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए ट्राई के प्रस्तावित मूल्य पर ट्राई को फिर से विचार करने के लिए कहा था। लेकिन ट्राई ने अपने प्रस्तावित मूल्य को बदलने से इनकार कर दिया था और प्रस्ताव को टीसी के पास वापस भेज दिया था।
वर्ष 2010 में 3जी नीलामी के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर्स को प्रति मेगाहर्ट्ज 3349.87 करोड़ रुपये का मूल्य चुकता करना पड़ा था।