महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को झटका दर झटका देने वाली सरकार अब चीनी की मिठास भी कड़वी करने की तैयारी कर रही है। आसमान छूती महंगाई के बीच सरकार जल्द ही चीनी की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करेगी। यानी अब चीनी की कीमतों को तय करने का अधिकार बाजार को दे दिया जाएगा, जैसा कि पेट्रोल-डीजल के मामले में अब हो रहा है।
दरअसल सरकार ने आम आदमी की सुबह की चाय की प्याली को कड़वी करने की तैयारी कर ली है। सरकार चीनी सेक्टर पर अपना नियंत्रण नहीं रखना चाहती और चीनी की कीमतों से जल्दी ही सरकारी नियंत्रण हटने वाला है। इसके लिए बकायदा कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है।
फिलहाल सरकार ये तय करती है कि कब और कितनी चीनी बाजार में बेचनी है। इस हथियार के जरिए सरकार घरेलू बाजार में चीनी के दाम पर काबू रखती है। लेकिन चीनी से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद चीनी मिलें मनमाने तरीके से चीनी के दाम बढ़ा सकेंगी।
चीनी की कीमत नियंत्रण मुक्त होने के बाद निश्चित तौर पर आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ेगा। पेट्रो पदार्थों के नियंत्रण मुक्त होने के नतीजे सामने हैं। पेट्रो कंपनियां जब-तब घाटा का रोना रोकर कीमतों में इजाफा करवा लेती हैं। अब जल्द ही चीनी की ‘कड़वाहट का मीठा वार’ आम जनता को झेलना पड़ेगा।