सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी के और विनिवेश पर रोक लगा दी है। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के प्रबंधन पर नियंत्रण वेदांता की सहायक कंपनी के पास है।
शीर्ष अदालत ने इस कंपनी के 29 फीसदी कीमती शेयर बेचने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। यह कंपनी सामरिक महत्व के खनिज पदार्थों का कारोबार करती है। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार को विनिवेश के मामले में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
पीठ ने साफ किया कि वह स्टरलाइट वेदांता को निवेश करने से नहीं रोक रही है बल्कि वह सरकार को कंपनी में अपने बाकी बचे शेयर को बेचने से रोक रही है। स्टरलाइट वेदांता ने इस कंपनी का अधिग्रहण किया है।