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सैमसंग मामले से उड़े सरकार के होश!

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सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन ली कुन ही को फ्रॉड से जुड़े मामले में गाजियाबाद कोर्ट में पेश होने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है।
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने इसे कहा है कि इससे भारत में निवेश व कारोबार के माहौल पर बुरा असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों से नकारात्मक संदेश जाता है।

आनंद शर्मा का कहना है कि सैमसंग दुनिया की जानी-मानी कंपनी है और भारत में कंपनी ने काफी निवेश किया है। सैमसंग प्रमुख ली कुन ही को गाजियाबाद की अदालत में पेश होने के समन के बारे शर्मा ने कहा कि इससे बहुत नकारात्मक संदेश जाएगा।
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कंपनियों में कई स्तर पर बहुत से अधिकारी काम करते हैं। कंपनी के खिलाफ शिकायत के लिए चेयरमैन को बुलाना उचित नहीं है। इस तरह के कदम उठाने से बचना चाहिए। ऐसे मामलों में सावधानी और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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इलाहाबाद कोर्ट के आर्डर के बाद हुई कार्रवाई

शुक्रवार को सैमसंग इंडिया के एमडी बीडी पार्क और सैमसंग के दक्षिणी-पश्चिमी एशिया सीईओ ने इस मामले को लेकर विदेशी निवेश एंव संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव अमिताभ कांत से मुलाकात की।

गौरतलब है कि कई कॉरपोरेट घरानों के जांच और मुकदमेबाजी में फंसने से उद्योग जगत की सरकार से नाराजगी बढ़ी है। नोकिया और वोडाफोन पर टैक्स मामलों में भारत सरकार के रवैए से भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में निराशा है।

क्या था मामला
14 लाख डॉलर की धोखाधड़ी के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन ली कुन ही को गाजियाबाद की अदालत में पेश होने को कहा है। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी सैमसंग प्रमुख के गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिया था।

एक भारतीय कंपनी जेसीई कंसल्टेंसी ने सैमसंग के खिलाफ 14 लाख डॉलर के फ्रॉड का मुकदमा दर्ज कराया था। सैमसंग का कहना है कि यह मामला सैमसंग गल्फ इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा है। मामले से सैमसंग के चेयरमैन का कोई लेना-देना नहीं है।
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