बीमारी आदि के कारण अचानक पैसे की जरूरत के लिए गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें गोल्ड लोन देने वाले सभी संस्थाओं को मानना होगा। रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन के लिए सोने की कीमत आंकने के तरीके के मानक तक कर दिए हैं।
कीमत आंकने के लिए आरबीआई की गाइडलाइन
गोल्ड लोन लेने के लिए सोने के गहनों को रेहन रखा जाता है। रेहन रखे सोने की कीमत आंकने के लिए रिजर्व बैंक ने नया गाइडलाइन जारी किया है, जिसके अनुसार 22 कैरेट सोने के बीते 30 दिन के औसत भाव के आधार पर सोने की कीमत तय होगी। यह इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा जारी भाव के आधार होगा।
22 कैरेट का भाव
गहने की शुद्धता अगर 22 कैरेट से कम या अधिक होती है तो इसे गणना से 22 कैरेट का भाव निकाला जाएगा। यानी, सोने के प्रतिशत के आधार पर इसके 22 कैरेट का भाव तय होगा। सोने की कीमत के प्रतिशत के आधार पर लोन की राशि तय होगी।
सोने के गहने के बदले लोन
रिजर्व बैंक के अनुसार सोने के मूल्य के 75 फीसदी तक राशि बतौर लोन ली जा सकेगी। पहले यह अनुपात 60 फीसदी था लेकिन नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के कारोबार पर दबाव के कारण यह अनुपात बढ़ाकर 75 फीसदी किया गया।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि सभी बैंक सोने के गहने के बदले लोन के लिए निर्देशों के आधार पर उपयुक्त नियम बनाएं और अपने निदेशक मंडल से इसकी मंजूरी लें।