भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (एमएसएमई) के लिए कर्ज की सीमा मौजूदा दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है।
आरबीआई के गर्वनर डी. सुब्बाराव ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए उर्वरक कीटनाशक, बीज, मवेशियों के चारे, कुक्कुट दाना, कृषि उपकरण या कृषि क्षेत्र में अप्रत्यक्ष वित्त के तौर पर इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के डीलरों अथवा विक्रेताओं की कर्ज सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है।
कृषि अथवा उससे जुड़ी गतिविधियों में लगे किसानों को प्रत्यक्ष कृषि ऋण और संस्थानों, कंपनियों एवं साझीदारी में चल रही कंपनियों को अप्रत्यक्ष कृषि ऋण के तौर पर अब 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।