पिछले साल धन की कमी के चलते नई पटरियां बिछाने में पिछड़ी रेलवे ने इस बार पांच सौ किलोमीटर नई लाइनें बिछाने का लक्ष्य रखा है। रेल बजट में 750 किमी दोहरीकरण को भी हरी झंडी दी गई है। नई लाइनों की कमी से जूझ रही रेलवे की 22 नई रेल लाइनों की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इनमें से ज्यादातर योजनाएं पिछड़े इलाकों को मुख्य शहरों से जोड़ने के मकसद से बनाई गई हैं।
बजट भाषण में नई लाइनों के लक्ष्य का ब्यौरा देते हुए रेलमंत्री पवन बंसल ने कहा कि 2013-14 में नई लाइनें बिछाने के साथ 450 किमी छोटी लाइनों को बड़ी लाइनों में तब्दील करने का भी लक्ष्य रखा गया है। बंसल ने कहा कि विभिन्न धार्मिक स्थलों को जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ रहती है।
लिहाजा इन रूटों में ट्रेन बढ़ाने के लिए नई लाइनों पर काम करने का लक्ष्य है। इसी के तहत तलवंडी साबो स्थित सिक्ख तख्त श्री दमदमा साहिब को सीधा रेल से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इस साल के लक्ष्य वाली सात नई लाइनों की योजनाओं को जल्द ही शुरू किया जा रहा है। इनमें से दो सार्वजनिक निजी भागेदारी (पीपीपी) के तहत शुरू की जा रही है। इसी तरह दोहरीकरण की दस योजनाओं में एक पीपीपी के तहत ही पूरा किया जाएगा।