नौकरी या शहर बदलने के साथ कर्मचारियों को भविष्य निधि खाता नंबर बदलने की समस्या अगले छह माह में समाप्त हो जाएगी। 15 अक्तूबर तक पीएफ खाताधारकों को स्थायी पीएफ खाता नंबर आवंटित कर दिया जाएगा।
इससे सेवानिवृत्ति के पहले अलग-अलग संस्थानों में काम करने के बावजूद कर्मचारियों का एक ही पीएफ नंबर रहेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष की कार्य योजना में इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
पांच करोड़ लोगों के स्थायी अकाउंट नंबर
संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बाबत 30 जून तक सभी जरूरी कार्रवाई निपटाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। जबकि सरकार से किए गए वादे के अनुसार अगले छह माह में मौजूदा करीब पांच करोड़ पीएफ खाताधारकों को स्थायी नंबर आवंटित कर दिया जाएगा।
इसके बाद अन्य सदस्यों के लिए कवरेज बढ़ाने पर कार्य किया जाएगा। दरअसल, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त की प्राथमिकता में होने के कारण भी इस योजना पर तेजी से काम हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि तय अवधि में पीएफ खाताधारकों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा भुगतान
दूसरी ओर, ईपीएफओ ने सितंबर अंत तक सभी भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करने का लक्ष्य भी रखा है। संगठन ने सौ फीसदी ई-पेमेंट की व्यवस्था 31 अगस्त तक हो जाने की संभावना भी जताई है। वर्तमान में करीब 92-93 फीसदी भुगतान इसी माध्यम से होता है।
नई व्यवस्था होने से पीएफ की रकम सीधे पीएफ खाताधारक के बैंक खाते में चली जाएगी। यानी, इसके लिए चेक या बैंक ड्रॉफ्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। संगठन का मानना है कि इससे उसकी क्षमता बेहतर होने के साथ कागजी कार्रवाई भी कम हो जाएगी। यह पहल ईपीएफओ के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
फिलहाल ईपीएफओ ने कुल 1.21 करोड़ खातों का निपटारा किया है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी अधिक है। वर्तमान में संगठन करीब 44 लाख पीएफ पेंशनधारकों का निपटारा प्रत्येक माह कर रहा है।