अटके हाईवे प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसके लिए बैंकों के जरिए एक अलग कंपनी बनाने का प्रस्ताव दिया है। जिसमें खुद राजमार्ग प्राधिकरण जहां पूंजी लगाएगा, वहीं हाईवे प्रोजेक्ट में ज्यादा एक्सपोजर रखने वाले बैंक भी पूंजी लगाकर अटके प्रोजेक्ट को काम पूरा कर उसे ऑपरेशनल करेंगे।
देश में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट विभिन्न कारणों से अटके हैं, जिसे मोदी सरकार जल्द से जल्द शुरू करना चाहती है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बैंकों को पत्र लिखकर अटके हाईवे प्रोजेक्ट को शुरू करने की बात कही है।
अधिकारी के अनुसार एनएचएआई ने एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) बनाने का प्रस्ताव दिया है। जिसके तहत एनएचएआई और हाईवे प्रोजेक्ट में ज्यादा एक्सपोजर रखने वाले बैंक पूंजी लगाएंगे। इस कवायद के जरिए कोशिश यह है कि हाईवे प्रोजेक्ट को पूरा कर उसे ऑपरेशनल किया जाए।एनएचएआई के प्रस्ताव पर आईबीए के अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट्स को पूंजी देना बैंकों के लिए समस्या नहीं है।
यदि इस पहल के जरिए हाईवे प्रोजेक्ट पूरे किए जाते हैं, तो बैंकिंग इंडस्ट्री के खास फायदा होगा। क्योंकि प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद उससे रिटर्न आएगा। इससे बैंकों की फंसी पूंजी भी रिकवर हो सकेगी।देश में इस समय 189 हाईवे प्रोजेक्ट अटके हैं, जो कि प्रमुख रूप से पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
•एनएचएआई ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को लिखा पत्र•एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर अटके प्रोजेक्ट पूरा करने की है योजना