इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। रिजर्व बैंक विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए निवेश की सीमा को सरकारी बांड में 5 अरब डॉलर बढ़ाना चाहता है।
अभी सरकारी बांड में कुल 30 अरब डॉलर निवेश की सीमा है। जिसमें 20 अरब डॉलर विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए तय है। जबकि शेष 10 अरब डॉलर की सीमा सोवरइन वेल्थ फंड के लिए तय है।
सू्त्रों के अनुसार सॉवरिन वेल्थ फंड की 10 अरब डॉलर की सीमा पूरी नहीं हो पा रही है। जबकि एफआईआई के जरिए 20 अरब डॉलर की सीमा पूरी हो जाती है। इसे देखते हुए एफआईआई सीमा बढ़ाने की बात कही गई है। सोवरइन वेल्थ फंड के तहत केवल 3 अरब डॉलर का निवेश आया है। एफआईआई निवेश आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक यह कदम उठाना चाहता है।
•5 अरब डॉलर तक बढ़ाई जा सकती है निवेश सीमा•आरबीआई ने वित्त मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव