केंद्र सरकार ने आम आदमी की तंगहाली की परवाह किए बगैर उस पर महंगाई का एक और चाबुक चला दिया है। इससे रियायती एलपीजी घरेलू सिलेंडर के दाम 11.42 रुपये और गैर रियायती एलपीजी सिलेंडर का दाम 12.27 रुपये तक और महंगा हो गया है। पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी 13 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
1- 4 सितंबर के बाद मिलने वाले सभी सिलेंडरों को सरकार के नए निर्णय के मुताबिक रियायती सिलेंडर के दायरे में गिनना शुरू किया जा चुका है। चालू वित्त वर्ष 31 मार्च 2013 तक केवल तीन सिलेंडर ही 410.42 रुपये की दर पर मिल सकेंगे। इससे ऊपर के सिलेंडर के लिए घरेलू नॉन सब्सिडाइज एलपीजी रेट का भुगतान करना होगा।
2- सिलेंडर प्राप्त करते समय उपभोक्त को डिलेवरी बॉय से मिलने वाले वाउचर पर यह अनिवार्य रूप से लिखा होगा कि रियायती दर पर मिलने वाला यह कौन सा सिलेंडर है (एक से छह के बीच में)। ग्राहकों को मिलने वाले प्रत्येक सिलेंडर की संपूर्ण जानकारी डिस्ट्रीब्यूर के पास होगी।
3-उपभोक्ता के पास मौजूद ब्लू बुक में डिलेवरी बॉय से एंट्री कराना जरूरी है। साथ ही वेंडर व उपभोक्ता का इस पर हस्ताक्षर प्रत्येक सिलेंडर की डिलीवरी के समय अब कराना जरूरी।
4-इससे यह पता चल सकेगा कि आपको मिलने वाले सिलेंडर की कीमत क्या है। क्या यह सब्सिडी प्राप्त सिलेंडर है या घरेलू गैस सब्सिडाइज्ड सिलेंडर। साथ ही आपके पुराने सभी सिलेंडर किन-किन कीमतों पर खरीदे गए हैं। इसकी जानकारी भी रहेगी।
5-यह रियायती एलपीजी की कीमत प्रत्येक माह अंतरराष्ट्रीय बाजार के मूल्य के आधार पर घटती-बढ़ती रहेगी। इसलिए एलपीजी वितरक के डिसप्ले बोर्ड पर प्रत्येक माह कीमतों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
6-उपभोक्ता फोन के जरिए रसोई गैस की मौजूदा कीमत के बारे में जानकारी ले सकते हैं। तेल कंपनियां एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी देने पर भी विचार कर रही हैं या फिर उनकी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
7-ट्रांसपेरेंसी पोर्टल के जरिए भी सिलेंडरों की संख्या, दर और उपयोग किए जा चुके सिलेंडरों का पूरा ब्योरा उपलब्ध होगा।