कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की संपत्तियों पर अरविंद केजरीवाल द्वारा उठाए गए सवालों पर अब कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर भाजपा ने आरोपों जांच कराने की मांग पर ताल ठोक दी है। दूसरी ओर वाड्रा के समर्थन में उतरी कांग्रेस ने भाजपा को निजी व्यक्ति के बिजनेस मामले का राजनीतिकरण करने से आगाह किया है। उसने कहा कि वाड्रा पर हमला ओछी राजनीतिक मंशा का नतीजा है।
यह मामला शुक्रवार को भी सुर्खियों में रहा। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने मामले की जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि पहले देश में सीडब्ल्यूजी और टूजी घोटालों की चर्चा थी। अब नया मामला सामने आया है। उन्होंने इसे कथित तौर पर नया घोटाला बताते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता के सवालों के जवाब देने चाहिए।
उधर, भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने जयपुर में कहा कि देश जानना चाहता है कि रियलिटी कंपनी डीएलएफ ने वाड्रा को 65 करोड़ रुपये बिना सुरक्षा गारंटी के ब्याज मुक्त कर्ज कैसे दे दिया? क्या डीएलएफ अन्य लोगों को भी ऐसे कर्ज देता है? क्या डीएलएफ इस तरह की चैरिटी और किसी को भी देता है? उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। प्रसाद के अनुसार वाड्रा को दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा की सरकारों की ओर से पहुंचाए गए अनुचित लाभ के मामलों की जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल के उठाए इस मामले में भाजपा के कूदने से कांग्रेस खासी नाराज है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने चेतावनी दी कि भाजपा ने यदि इस मामले का राजनीतिकरण बंद नहीं किया तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे ओछी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह भाजपा की ‘बी-टीम केजरीवाल’ के गलत आरोप हैं। चूंकि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर अपने ठेकेदार दोस्त के लिए सिफारिश करने का मामला सामने आ चुका है, इसलिए इस मुद्दे को भटकाने के लिए अपनी बी-टीम के लगाए बेबुनियाद आरोपों को दोहरा रही।
उन्होंने परोक्ष रूप से मीडिया के रुख की आलोचना की कि बिना सत्यता जाने इस मामले को प्रचारित किया जा रहा है। तिवारी ने कहा कि यदि केजरीवाल को कोई शिकायत है तो उन्हें संबंधित फोरम में मामला उठाना चाहिए।
‘यह संभाल सकता हूं’
- मेरे प्रति इतनी चिंता जताने का धन्यवाद। मैं ठीक हूं और इन तमाम नकारात्मक बातों को सही ढंग से संभाल सकता हूं। मैं अपने प्रियजनों को खो चुका हूं, इससे ज्यादा बुरा क्या हो सकता था।- रॉबर्ट वाड्रा, फेसबुक पर
‘दो लोगों का निजी मामला’
- मुझे लगता है कि दो लोगों के निजी लेन-देन में क्या कुछ हुआ यह उनका आपसी मामला है। यह कहीं से भ्रष्टाचार के दायरे में नहीं आता। फिर यह भी देखना चाहिए कि जो भी लेन-देन हुआ वह इनकम टैक्स रिटर्न में दर्ज है। कुछ छुपाया नहीं गया। कोई पक्षपात नहीं हुआ।- पी चिदंबरम, वित्त मंत्री
मानहानि का दावा करें मैं तैयार हूं: केजरीवाल
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को फिर कांग्रेस को चुनौती दी और कहा कि यदि उसे लगता है कि उनके आरोपों से रॉबर्ट वाड्रा की मानहानि हुई है तो वह मुकदमा कर सकते हैं। केजरीवाल ने कहा, ‘यदि मेरे आरोप गलत साबित हो जाएं, तो मैं इसका नतीजा भुगतने को तैयार हूं। कांग्रेस क्यों मानहानि के मुद्दे पर चुप है?’ समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी कहा कि वाड्रा पर लगाए आरोपों की जांच हो और अगर वे गलत साबित हों तो केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।