खरीद-फरोख्त में इंटरनेट की बढ़ती लोकप्रियता से रियल एस्टेट बाजार भी अछूता नहीं है। गूगल इंडिया की ओर से भारत के 15 शहरों में कराए अध्ययन के मुताबिक, प्रॉपर्टी की खरीदारी के आधे से ज्यादा फैसलों में इंटरनेट अहम भूमिका निभा पा रहा है। प्रॉपर्टी की तलाश से लेकर डील फाइनल होने तक खरीदार कदम-कदम पर इंटरनेट की मदद ले रहे हैं। हालांकि, बिल्डरों और प्रॉपर्टी ब्रोकर्स की वेबसाइट को लेकर ग्राहक ज्यादा संतुष्ट नहीं हैं।
देश के१५ शहरों में ६ हजार प्रॉपर्टी खरीदारों के बीच किए अध्ययन की जानकारी देते हुए गूगल इंडिया के इंडस्ट्री डायरेक्ट नितिन बवांकुले ने बताया कि भारत में करीब 43 अरब डॉलर के प्रॉपर्टी सौदे इंटरनेट से प्रभावित हो रहे हैं। खास बात यह है कि प्रॉपर्टी की खरीदारी में इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं। टियर-2 शहरों के लोग भी इंटरनेट की मदद से प्रॉपर्टी की तलाश में पीछे नहीं हैं। इंटरनेट पर रियल एस्टेट से जुड़ी 74 फीसदी सर्च मकानों की खरीद के लिए होती है जबकि २६ फीसदी लोग मकान किराए पर लेने से पहले इंटरनेट पर खोजबीन करते हैं।
3 साल में 3 गुना बढ़ी प्रॉपर्टी सर्चपिछले तीन साल के दौरान गूगल पर प्रॉपर्टी की खोजबीन करीब तीन गुना बढ़ी है। गूगल के अध्ययन के मुताबिक, इंटरनेट पर प्रॉपर्टी तलाश करने वाले लोगों में से करीब ५३ फीसदी लोग खरीदारी को लेकर गंभीर होते हैं। टियर-१ शहरों में ५७ फीसदी से ज्यादा खरीदार ऑनलाइन सर्च से प्रभावित होते हैं जबकि टियर-२ शहरों में यह तादाद ४८ फीसदी है। गूगल पर सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी सर्च दिल्ली-एनसीआर, पुणे और लखनऊ से आ रही हैं।
55 फीसदी सर्च मोबाइल के जरिएप्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन हासिल करने वाले करीब ५५ फीसदी खरीदार मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। गूगल पर आने वाली रियल एस्टेट संबंधी सर्च में से ४० फीसदी मोबाइल के जरिए आती हैं। इससे प्रॉपर्टी से जुड़े मोबाइल एप्लीकेशन की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।