मुद्रा बाजार में रुपया 36 पैसे टूटकर बुधवार को सात सप्ताह से अधिक के निचले स्तर 60.39 पर बंद हुआ।
इराक संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल का असर घरेलू मुद्रा पर हुआ। वहीं, अमेरिकी फेड की बैठक के नतीजों से पहले मुद्रा बाजार में सतर्कता के चलते रुपये पर दबाव रहा। इसके अलावा विदेशी निवेश में सुस्ती के बीच घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट का भी रुपये पर नकारात्मक असर हुआ।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में घरेलू मुद्रा में गिरावट के साथ 60.28 पर कारोबार शुरू हुआ। सत्र के दौरान यह 60.06 और 60.54 के दायरे में रहा। आखिर में पिछले सत्र की तुलना में 36 पैसे गिरकर 60.39 पर बंद हुआ। यह गत 29 अप्रैल के बाद का निचला स्तर है।
वेरासिटी समूह के सीईओ प्रमित ब्रह्मभट्ट का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट के चलते रुपया बुधवार को आधा फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। इसके अलावा इराक संकट को लेकर निवेशकों में व्याप्त चिंताओं का भी दबाव रुपये पर देखा गया।