सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इनफोसिस ने बीती तिमाही 21.6 फीसदी की सालाना बढ़त दर्ज करते हुए 2,886 करोड़ का मुनाफा कमाया।
बाजार विश्लेषकों के अनुमानों को धता बताने हुए कंपनी ने 30 जून को समाप्त तिमाही में आय में भी 13.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। बीती तिमाही कंपनी को 12,770 करोड़ रुपये की आय हुई।
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 11,267 करोड़ रुपये की आय हुई थी। हालांकि इस साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के मुकाबले उसका शुद्ध लाभ 3.5 फीसदी और आय 0.8 फीसदी कम रही, लेकिन यह गिरावट बाजार के अनुमान से काफी कम है। विश्लेषकों ने शुद्ध लाभ में 8 से 10 फीसदी की कमी का अनुमान लगाया था। डॉलर में कंपनी की आय 213.3 करोड़ डॉलर बढ़ी है।
सैलरी बढ़ाने के बाद भी बढ़ा मुनाफा
माना जा रहा था कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और वीजा खर्च बढ़ने के कारण कंपनी का ऑपरेटिंग लाभ काफी गिर जाएगा, लेकिन मार्च 2014 की तिमाही के 25.5 फीसदी के मुकाबले इसमें मामूली कमी ही आई और यह 25.1 फीसदी रहा।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सह प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा कि हमें हमारे ग्राहकों का विश्वास हासिल है। मैं सीईओ पद की जिम्मेदारी विशाल सिक्का को सौंप रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि वह इनफोसिस को इस मजबूत स्थिति से आगे बढ़ाते हुए नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
हालांकि कंपनी के पहले गैर संस्थापक प्रमुख के रूप में विशाल सिक्का के हाथ में इनफोसिस की कमान आने के बाद कंपनी के भविष्य को लेकर विश्लेषकों की राय कंपनी प्रबंधन की राय से काफी अलग है।
प्रतिभाशाली कर्मचारियों को रोकने के लिए खास योजना
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी के सामने पुराने ग्राहकों को बनाए रखना और नए ग्राहक बनाना एक बड़ चुनौती होगी। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) यूबी प्रवीण राव ने बताया कि तिमाही के दौरान हमने बड़ सौदे हासिल करने में सकारात्मक रुख देखा।
हम उम्मीद करते हैं कि यह रफ्तार बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी छोड़कर कर्मचारियों के जाने की दर चिंताजनक है और हम प्रतिभाशाली कर्मचारियों को रोकने के लिए कई तरह के उपाय कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जून 2014 की तिमाही में इनफोसिस के 19.5 फीसदी कर्मचारी कंपनी छोड़कर चले गए, जबकि मार्च 2014 की तिमाही कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों का अनुपात 18.7 फीसदी था।