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हल्दी की उन्नत किस्म ‘प्रतिभा’ से मालामाल हो रहे किसान

Wed, 12 Dec 2012 10:32 PM IST
नई दिल्ली/विजय गुप्ता
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नकद फसल कहलाने वाली मसालों की खेती वैसे भी लाभदायी है। इस पर यदि किसानों को अति उन्नत बीजों का साथ मिल जाए, तो सोने पर सुहागा होना तय है। ऐसा ही कुछ इन दिनों केरल में हुआ है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हल्दी की उन्नत किस्म ‘प्रतिभा’ किसानों के लिए वरदान बन गयी है। प्रतिभा की खेती करके छोटे व सीमांत किसान भी मालामाल हो रहे हैं। खास बात यह है कि इस किस्म की खेती में लागत काफी कम है।
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वैज्ञानिक डॉ वी श्रीनिवासन ने बताया कि ‘प्रतिभा’ को इस तरह से विकसित किया गया है कि इसे कम से कम खाद और कीटनाशक की जरूरत होती है। ‘प्रतिभा’ की प्रति हैक्टेयर उपज भी दूसरी किस्मों के मुकाबले पचास फीसदी तक अधिक है। इससे छोटे किसान ‘प्रतिभा’ हल्दी की खेती करके बेहतर लाभ कमा रहे हैं। एक वर्ष के अल्प समय में ही केरल में चौतरफा हल्दी की खेती होने लगी है। इससे यहां घर-घर में पाउडर बनाने का काम शुरू होने से गृहणियों को भी रोजगार मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में एक नौकरी छोड़ने के बाद मोहम्मद बुस्थानी, भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान कोझीकोड के तकनीकी अधिकारी डॉ एस हमजा और एक पुराने परिचित ने मिलकर आईसीएआर के वैज्ञानिकों की सलाह पर कीट और रोगों से कम से कम प्रभावित होने वाली ‘प्रतिभा’ हल्दी की खेती करने का फैसला किया।
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प्रतिभा हल्दी की बंपर पैदावार के बाद उन्होंने न सिर्फ दूसरे किसानों को भी इसके लिए प्रेरित किया बल्कि बड़ी मात्रा में जमीन खरीद कर छोटे किसानों से भी प्रतिभा खेती कराना शुरू किया। इन दिनों बुस्थानी प्रतिभा हल्दी की खेती व्यवसायिक खेती करने के साथ हल्दी पाउडर बनाने का काम शुरू कर महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
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