सरकार ने सोने को लेकर दो बड़े फैसले किए हैं। घर, मंदिर व अलमारी में रखे सोने को निकाल कर बैंक में जमा करने पर ब्याज देने से जुड़ी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को मंजूरी दी गई है।
वहीं सॉवरन गोल्ड बांड स्कीम को भी हरी झंडी दिखा दी है। गोल्ड बांड जारी करने से बाजार में सोने की मांग में कमी आएगी और इससे सोने का आयात भी कम होगा जिससे सरकार की विदेशा मुद्रा बचेगी। सॉवरन गोल्ड बांड स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति सरकार से गोल्ड सर्टिफिकेट खरीद पाएगा।
उस सर्टिफिकेट के बदले उसे सालाना ब्याज मिलेगा और बाद में उस सर्टिफिकेट या बांड के बदले वह नकद हासिल कर सकता है या फिर उस मूल्य का सोना भी ले सकता है।
ब्याज की दर क्या होगी यह भारतीय रिजर्व बैंक तय करेगा। गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार के नाम पर जारी किया जाएगा और बॉन्ड की पूरी गारंटी भारत सरकार लेगी। सोने की कीमत के आधार पर ब्याज मिलेगा। वहीं गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के लागू होने पर सरकार के पास सोने का भंडार बढ़ेगा और सोने के लिए आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।
एक अनुमान के मुताबिक भारत में 20000 टन सोने का ऐसा स्टॉक है जिसका कारोबार में कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है।