रेलवे में भी अब हवाई सफर जैसी सुख सुविधाओं की लक्जरी सेवाएं देने की तैयारी शुरू हो गई है। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने रेलवे में फाइव स्टार कल्चर लाने की कोशिश की है।
इसके लिए चुनिंदा रेलगाड़ियों में एक ऐसे कोच की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें उम्दा क्वालिटी, आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं की व्यवस्था होगी। कोचों का नाम ‘अनुभूति’ रखा गया है। इन कोचों में दी गई सेवाओं के आधार ही इनका किराया भी होगा।
हालांकि किराये की कीमत अभी बताई नहीं गई है। मगर सुविधा बढ़ाने के साथ ही कीमत ज्यादा होने की संभावना है। साथ ही नई दिल्ली में एक्जीक्यूटिव लाउंज की तर्ज पर सात और स्टेशनों में ऐसी व्यवस्था की जा रही है।
रेल मंत्री ने मंगलवार को कहा कि शताब्दी और राजधानी ट्रेनों की लोकप्रियता में वृद्धि होने से अधिक आरामदायक यात्रा की मांग की जा रही है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए शुरू में भारतीय रेल चुनिंदा गाड़ियों में एक ऐसे कोच की शुरुआत करेगा, जिसमें उत्कृष्ट परिवेश और अत्यंत आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था होगी।
नई दिल्ली में एक्जीक्यूटिव लाउंज की लोकप्रियता को देखते हुए बिलासपुर, विशाखापत्तनम, पटना, नागपुर, आगरा, जयपुर और बंगलूरू जैसे सात और स्टेशनों में ऐसी सुविधा दी जाएगी।
राज्यों के सहयोग से बनेंगे फुट ओवर ब्रिज
रेलवे ने स्टेशनों के ऊपर पैदल पुल बनाने के लिए एक योजना तैयार की है। इसके तहत स्टेशनों के ऊपर पैदल पुल बनाने का काम राज्यों के सहयोग से किया जाएगा। मंगलवार को लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए रेल मंत्री पवन बंसल ने इस आशय की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि बहुत से सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्र स्थिति स्टेशनों पर पैदल पुल बनाने के लिए अनुरोध किया है। जिस पर रेलवे एक योजना तैयार कर रहा है जो कि मौजूदा बजट से अलग है। बंसल के मुताबिक स्टेशनों के आर पार जाने के लिए पैदल पुल बनाए जाते हैं।
इन पुलों का उपयोग वे लोग करते हैं जिन्हें स्टेशन या प्लेटफार्म पर नहीं आना होता है। लगभग सभी बड़े व प्रमुख स्टेशनों पर इस तरह की सुविधा होती हैं। इसके जरिए रेल यात्रा न करने वाले लोग एक छोर से दूसरे छोर को ऊपरी पुल के जरिए जाते हैं। ऊपरी पुल की सुविधा होने से उन्हें स्टेशन और प्लेटफार्म की भीड़ का सामना नहीं करना होता है।
बंसल ने बताया कि चूंकि मौजूदा समय रेलवे की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि सांसदों के इस बेहतर सुझाव को अमली जामा पहनाया जा सके। इस लिए रेल मंत्रालय ने राज्य सरकारों के जरिए इस योजना पर काम करने का बन बनाया है। इसी लिए इस योजना को वर्ष 2013-14 के बजट में शामिल नहीं किया गया।
इसके लिए सभी राज्य सरकारों से बात की जाएगी। ताकि उन स्टेशनों की पहचान की जा सके। जहां बाहरी पैदल पुल बनाए जाने हैं। इन पुलों के निर्माण पर होने वाले खर्च के समावेश के लिए मंत्रालय एक योजना तैयार कर रहा है।