चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से चुनाव प्रक्रिया के पूरे होने तक अपनी 2600 करोड़ रुपये वाली शिक्षा ऋण ब्याज माफी योजना को लागू नहीं करने को कहा है।
इस योजना से 9 लाख छात्रों को राहत मिलनी थी। इस योजना को वित्त मंत्रालय चुनाव प्रक्रिया के बाद लागू कर सकता है।
आयोग ने वित्त मंत्रालय को निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस स्कीम का किसी तरह का प्रचार नहीं किया जाए।