क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच भिड़ंत को देखने के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है कि अगले साल दोनों टीमें आपस में टेस्ट सीरीज खेल सकती हैं।
अगर सब कुछ सही रहा तो 2015 में दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज भी खेली जा सकती है।
भारत और पाकिस्तान के बीच अगले आठ सालों में कम से कम छह टेस्ट सीरीज खेली जा सकती है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2015 में दोनों देशों के बीच पहली टेस्ट सीरीज आयोजित हो।
अभी बीसीसीआई की 'हां' का है इंतजार
दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज की यह संभावना इसलिए बनती दिखाई दे रही है क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इस शर्त पर आईसीसी की प्रस्तावित योजना को समर्थन देने को तैयार हो गया है कि वह अगले आठ साल के दौरान भारत सहित सभी पूर्णकालिक सदस्यों के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलेगा।
यदि भारत, पाकिस्तान सीरीज आठ साल (2015 से 2023) के भविष्य दौरा कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से रखी जाती है तो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में घरेलू सीरीज खेलने का मौका मिल सकता है।
हालांकि पीसीबी को अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पुष्टि का इंतजार है।
बड़ी टीमों से नहीं खेलते तो दिवालिया हो जाते
पीसीबी के अध्यक्ष नजम सेठी ने इस कदम को सही ठहराते हुए कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ने का जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने कहा था कि पीसीबी को अगले आठ सालों में द्विपक्षीय सीरीज से 30 अरब डॉलर की कमाई होगी।
उन्होंने कहा था, "हमें विश्व क्रिकेट में अलग-थलग पड़ने का अंदेशा था। इसी बात को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया है। अगर हम बड़ी टीमों के साथ नहीं खेले तो अगले दो साल में हम दिवालिया हो जाएंगे। इस स्थिति से उबरने के लिए हमें भारत के साथ घरेलू सीरीज खेलनी होगी।"
क्रिकेट बिरादरी से अलग-थलग नहीं रह सकता पाक
नजम सेठी ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने से हमारी जो कमाई होती है उसी से हमारा पूरा ढांचा चलता है। हमारे लिए भारत के साथ खेलना जरूरी है क्योंकि इससे हमें बड़ी कमाई होती है।
पीसीबी के फैसले पर सेठी ने कहा, "हमें अपनी क्रिकेट चलानी है और ऐसे में हम अलग-थलग नहीं रह सकते हैं इसलिए हमें उनका साथ देना पड़ा। हमने इसके लिए कानून के दायरे में अनुबंध किए हैं और द्विपक्षीय सीरीजों का कार्यक्रम जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।"
2008 से दोनों के बीच नहीं हुई टेस्ट सीरीज
दोनों टीमों ने आपस में 2008 से कोई पूर्ण सीरीज नहीं खेली है। 2008 में मुंबई में आतंकी हमलों के बाद से भारत ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना बंद कर दिया था।
हालांकि लंबी चर्चा के बाद दिसंबर 2012 में दोनों के बीच क्रिकेटिया रिश्ते बहाल हुए और पाकिस्तान ने भारत का दौरा किया और उस दौरान उसने वनडे और टी-20 मैचों की छोटी सी सीरीज खेली थी।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कमाई का अहम हिस्सा है ब्रॉडकास्टिंग करार, लेकिन जुलाई, 2013 से बोर्ड का किसी के साथ लंबे समय के लिए ब्रॉडकास्टिंग करार नहीं हुआ है।