डीजल की कीमतों में उम्मीद से ज्यादा की कटौती की जा सकती है। इसके लिए तैयारी की जा चुकी है। जल्द ही इस बाबत निर्णय ले लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के मद्देनजर डीजल की कीमतों में 3.56 रुपये प्रति लीटर की कमी आ सकती है।
चार साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंची कच्चे तेल की कीमतों की वजह से अक्तूबर के पहले हाफ में डीजल की बिक्री से 1.90 रुपये का लाभ हो रहा था, जो अब बढ़कर 3.56 रुपये तक पहुंच चुका है।
हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनावों के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के चलते सरकार ने अभी तक दाम नहीं घटाए हैं।
तेल कंपनियों का घाटा कम होगा
बृहस्पतिवार के दिन भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, बल्कि केरोसिन और एलपीजी सिलेंडर पर घाटे में भी भारी कमी आई है।
माना जा रहा है कि 2014-15 के लिए तेल कंपनियों का पहले से अनुमानित 1,28,000 करोड़ रुपये का घाटा कम होकर 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
पिछले साल यह घाटा 1,39,869 करोड़ रुपये के आस-पास था और घाटे में होने वाली इस अनुमानित कमी से सरकार को तेल में दी जाने वाली सब्सिडी में करीब 70,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।