देश का रेल बजट कल पेश होने जा रहा है। रेलमंत्री पवन कुमार बंसल रेलवे के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं लेकिन खस्ताहाल रेलवे में यह कहां तक मुमकिन है, यह एक बड़ा सवाल है।
दरअसल, रेलवे पर जिस कदर बोझ लदा है उससे निजात पाना ही सबसे बड़ी चुनौती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आम आदमी को एक अदद तत्काल रेल टिकट लेने के लिए किए जाने वाला जद्दोजहद है।
ऑनलाइन रेल टिकट बुक करने वाली सरकारी वेबसाइट आईआरसीटीसी के जरिए तत्काल टिकट लेना अब तो लगभग नामुनकिन सा हो गया है। रेल बजट पेश होने से पहले जब हमने इस वेबसाइट से सुबह 10 बजे तत्काल टिकट बुक कराना चाहा तो दिक्कतें थोक में शुरू हो गईं।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जब हमने लॉग-इन करने की कोशिश की तो पेज ही नहीं खुला। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद जब पेज खुला तो सर्विस अनअवेलेबल का मैसेज दिखने लगा। फिर तीन-चार बार लॉग-इन करने की कोशिश हुई और हर बार यही पेज खुला।
किसी तरह मुश्किल से जब पेज खुला तो लॉग-इन नहीं हो रहा था। जब लॉग-इन किया तो टिकट बुक करने वाला पेज ही हैंग हो गया। पेज साइन आउट किया तो वो भी नहीं हुआ। फिर से आईआरसीटीसी का पेज बंद किया और दोबारा लॉग-इन किया।
वेबसाइट पर लगातार 45 मिनट लगे रहने के बाद जब ठीक से लॉग-इन हुआ तब तक टिकट बुक कराने वाला सेशन एक्सपायर का मैसेज आ गया। आखिर में जब तक लॉग-इन करके टिकट बुक करने तक पहुंचे, तब तक टिकट वेटिंग लिस्ट में पहुंच चुका था।
लेकिन, समस्या अभी खत्म नहीं हुई थी। किसी तरह हमने वेटिंग टिकट ही बुक कराया और पेमेंट के लिए क्लिक किया। आश्चर्य तो तब हुआ कि मेरे खाते से पैसा कट गया और टिकट बुक नहीं हो पाया।
आईआरसीटीसी देश की सबसे ज्यादा विजिट की जाने वाली वेबसाइटों में से एक है। इसके 2 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर हैं। हर दिन लगभग 4 लाख से ज्यादा टिकट बुक होते हैं। सुबह 10-11 के बीच इस वेबसाइट के जरिए करीब 40 हजार से 45 हजार टिकट बुक होते हैं।
लेकिन, जब आप इस समय टिकट बुक करने जाते हैं तो टिकट बुक ही नहीं हो पाता। अंततः तंग आकर आपको किसी दलाल के माध्यम से ही टिकट कराना पड़ता है।
बंसल जी, क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि आप इस बजट में आईआरसीटीसी वेबसाइट की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे?