अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में हुई घूसखोरी में सीबीआई ने पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को मुख्य संदिग्ध माना है। इटली से मिले दस्तावेजों से अहम सुराग मिलने के बाद सीबीआई ने प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी (पीई) दर्ज कर ली है, जिसमें त्यागी और उनके रिश्तेदारों जूली, डोस्का और संदीप त्यागी को नामजद किया गया है।
362 करोड़ रुपए की दलाली के आरोपों के इस मामले में दर्ज पीई में 11 लोगों और चार कंपनियों के नाम हैं। सीबीआई के मुताबिक इस सौदे में त्यागी बंधुओं के अलावा कई और दलाल हैं, जिन्हें पैसे दिए गए हैं। औपचारिक तौर पर पीई दर्ज करने के बाद अब एजेंसी के लिए जांच के रास्ते आसान हो गए हैं।
रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी के साथ सीबीआई की दो सदस्यीय टीम की इटली यात्रा के दौरान जो जानकारियां हासिल हुईं, उसके आधार पर पीई दर्ज की गई है। सूत्रों के मुताबिक इटली में मिले दस्तावेजों में एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ कई सनसनीखेज जानकारियां हासिल हुई हैं।
रक्षा मंत्रालय भी अपने स्तर पर इन जानकारियों की समीक्षा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि इस मामले की तह तक जल्द से जल्द पहुंचे। एजेंसी अगले कुछ दिनों में मंत्रालय के अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। मंत्रालय ने अपनी अंदरूनी जांच में पाया था कि उनकी ओर से किसी भी स्तर पर किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।
पीई दर्ज करने के बाद अब इंटरपोल भी सीबीआई की खुले तौर पर मदद कर पाएगी। जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान के मुताबिक पीई में पूर्व वायुसेना प्रमुख के अलावा, पांच निजी व्यक्तियों, इटली स्थित कंपनी और उसके पूर्व सीईओ, ब्रिटेन स्थित कंपनी और उसके पूर्व सीईओ, तीन बिचौलियों, भारत स्थित दो कंपनियों आईडीएस इनफोटेक और एयरोमेट्रिक्स का नाम है।
सीबीआई जांच करेगी कि क्या बिचौलियों ने सौदा अगस्ता वेस्टेलैंड के पक्ष में कराने के लिए दलाली दी। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय अगस्ता वेस्टलैंड को एक और नोटिस भेज कर सफाई मांग कर सकता है। मालूम हो कि मंत्रालय के पहले नोटिस पर कंपनी ने सभी आरोपों से साफ इंकार किया है।
क्या है सीबीआई की पीई में
पीई में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके रिश्तेदारों जूली, डोस्का, संदीप त्यागी, फिनमेकानिका के पूर्व सीईओ गियूसेप्पे ओरसी, अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनी के अलावा बिचौलियों कार्लो गेरोसा, क्रिश्चियन माइकल और गुइडो हैश्के के नाम शामिल हैं। साथ ही एरोमेट्रिक्स से जुड़े वकील गौतम खेतान, इसके सीईओ प्रवीन बख्शी का नाम भी पीई में शामिल है।
पीई में यह तथ्य भी है कि फिनमेकानिका ने दो बिचौलियों को 50 करोड़ रुपये दलाली दी थी, जिसका बड़ा हिस्सा ट्यूनीशिया और मॉरीशस के जरिए सात भारतीय लोगों तक पहुंचा। यह पैसा इंजीनियरिंग कांट्रैक्ट के नाम पर आईडीएस इनफोटेक और एयरोमेट्रिक्स को दिया गया।
पहले फंस चुके हैं पूर्व नौसेना प्रमुख
सेनाओं के किसी पूर्व प्रमुख का नाम सीबीआई की जांच रिपोर्ट में आने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले बराक मिसाइलों की खरीद में दलाली के मामले में 2005-06 में सीबीआई पूर्व नौसेना प्रमुख सुशील कुमार पर केस दर्ज कर चुकी है।