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मां ने डुबोया, 33 किलोमीटर 'तिनके' ने संभाला

Sat, 27 Jul 2013 01:42 PM IST
इंटरनेट डेस्क
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'डूबते को तिनके का सहारा', 'जाको राखे साइंया...' जैसी कहावतें आपने सुनी होंगी लेकिन बीकानेर की इस घटना को सुनकर आप इन कहावतों पर यकीन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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बीकानेर के छतरगढ़ थाना क्षेत्र में एक मां ने अपने आठ साल के बच्चे को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया था। मां ने फेंका तो इसीलिए था कि बच्चे की मौत हो जाए लेकिन नहर में उसके हाथ एक जलकुंभी लग गई और वो 33 किमी तक बहता हुआ चला गया और अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।

डांट के बाद कर ली आत्महत्या

पुलिस ने बताया कि बिस्मिल्लाह नाम की महिला ससुरवालों से लड़-झगड़कर अपने चार बच्चों के साथ नहर में आत्महत्या करने पहुंची थी। बिस्मिल्लाह के साथ उसका 8 साल का बेटा जावेद, 5 साल की बेटी सामिया, 4 साल की नजमा और 10 महीने की बच्ची सपना थी।
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महिला ने सबसे पहले जावेद और नजमा को नहर में फेंका। वो सामिया को फेंकने जा ही रही थी कि वो वहां से भाग निकली। इसके बाद महिला ने अपनी 10 महीने की बेटी के साथ छलांग लगा दी।

नशे में कनाडा से अमेरिका तैर गया

हादसे में महिला और नजमा तो मर गए लेकिन 10 महीने की सपना छिटकर किनारे आ गई। जिसे बचा लिया गया। वहीं दूसरी ओर जावेद के हाथ एक जलकुंभी लग गई और वो उसी के सहाहे एक चबूतरे पर पहुंच गया। जहां से लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया।
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