विज्ञान की नजर से देखें तो ये एक बीमारी है लेकिन समाज में इस बच्चे को भगवान की तरह पूजा जा रहा है। बचपन में जो पूंछ महज कुछ सेंटीमीटर की थी वो आज कई इंच लंबी हो चुकी है।
जैसे-जैसे पूंछ बढ़ रही है वैसे-वैसे बालाजी की ख्याति भी बढ़ती जा रही है। 12 साल के बालाजी की पीठ में एक पूंछ जैसा अंग है और हमारे देश में उसे भगवान की तरह पूजा जाता है। बालाजी का असली नाम अर्शिद है।
अफ्रीका न्यूज पोस्ट के अनुसार, लोग बालाजी के लिए दान चढ़ाते हैं। जिसमें पैसे से लेकर महंगे उपहार तक होते हैं। लोग उसे हनुमान जी का दूत मानते हैं और कुछ तो उसे साक्षात हनुमान ही मानते हैं।
लेकिन डॉक्टर इसे रीढ़ की हड्डी में विकृति मानते हैं। चंडीगढ़ के पास अपने दादा-दादी के साथ रहने वाला बालाजी भी अपनी इस पूंछ से बहुत प्यार करता है। बालाजी के अनुसार, 'मुझे मेरी पूंछ से बहुत प्यार है क्योंकि लोग इसकी वजह से मेरी इज्जत करते हैं। इससे मुझे खास होने का एहसास होता है।'
वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अगर उसकी इस विकृति को जल्द से जल्द दूर नहीं किया गया तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।