कहते हैं कि इस दुनिया से अलग एक दूसरी दुनिया है जो लोक और परलोक के बीच में है। यह दुनिया है आत्माओं की दुनिया। कुछ लोग इस दुनिया में रहने वालों को भूत प्रेत कहते हैं। कुछ लोग इन्हें भटकती आत्मा कहते हैं।
भूत प्रेत और भटकती आत्माएं हमेशा इंसानों से दूर रहना पसंद करती हैं लेकिन कभी कुछ ऐसा संयोग बना जाता है जब भटकती आत्माएं अपनी दुनिया से निकलकर किसी चाहत को पूरा करने के लिए इंसानों की दुनिया में आ जाते हैं।
ऐसी स्थिति में इंसान को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से बचने के लिए वर्षों से देश के कई भागों एक टोटका आजमाया जाता है। जब कभी आपको भी लगे कि नकारात्मक उर्जा यानी ऊपरी चक्कर है तो एक बर्तन में सरसों का तेल लेकर आग पर गर्म करें।
इसमें चमड़े का एक टुकड़ा डालें। जब धुआं निकलने लगे, इसमें नींबू, थोड़ी सी फिटकरी, तीन काली चूड़ी और एक कील डाल दें। इसे पीड़ित व्यक्ति के सिर के ऊपर से सात बार घुमाएं। इसके बाद इसे कहीं गड्ढ़ा खोदकर दबा दें। इसके ऊपर एक कील ठोंक दें।
माना जाता है कि ऐसा करने से पीड़ित व्यक्ति से भूत-प्रेत का साया या यूं कहें नकारात्मक शक्ति का असर दूर हो जाता है।
नोट: यह पारंपरिक घरेलू टोटका हैं। अमर उजाला का इससे किसी प्रकार का कोई सरोकार नहीं है।