कुंभ में हादसों और हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद शुक्रवार को वसंत पंचमी पर्व और तीसरे शाही स्नान के मौके पर कुछ आला अफसर और एक मंत्री वाहन के साथ मेला क्षेत्र में संगम नोच तक पहुंच गए। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिया था कि वसंत पंचमी स्नान पर वीआईपी गाड़ियां मेला परिसर में नहीं जाएंगी।
कुंभ मेला प्रभारी आजम खां ने जांच और कार्रवाई की बात कही है। महाकुंभ के आखिरी शाही स्नान वसंत पंचमी पर भीड़ अनुमान से कम रही लेकिन दोपहर से पहले संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का भारी रेला उमड़ा। प्रशासन का दावा है कि शाम तक 65 लाख लोगों ने स्नान किया। भगदड़ में मृत श्रद्धालुओं की याद में संतों, महंतों ने सादगी से शाही स्नान किया।
वसंत का स्नान सादगी और शांति से चल रहा था लेकिन भारी भीड़ को नजरअंदाज कर एक मंत्री, बीएसएफ के डीजी और डीआईजी लखनऊ गाड़ियों से संगम नोज तक पहुंच गए और स्नान किया। हद तो यह कि जब अधिकारियों से हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया तो कह दिया कि उन्हें पता नहीं था।
सुबह बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के डीजी सुभाष जोशी सरकारी गाड़ी से वीआईपी घाट पहुंच गए तो दोपहर में लखनऊ के डीआईजी नवनीत सिकेरा भी भीड़ में गाड़ी से संगम नोज तक जा पहुंचे। और तो और, प्रदेश सरकार के एक मंत्री भी गाड़ी से संगम तक गए।
मीडिया ने मामले को उठाया तो लखनऊ में कुंभ मेला प्रभारी कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा, जांच कराई जाएगी। उन्होंने इधर, अधिकारियों का कहना है कि दोनों अफसर मेले में डयूटी पर थे जबकि डीआईजी सिकेरा स्कार्पियो से स्नान को पहुंचे थे। वर्दी के बजाय जींस, टीशर्ट में थे और लोगों ने उन्हें स्नान करते, कपड़ा चेंज करते देखा। पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट का आदेश मालूम नहीं था।
‘मुझे बताया गया है कि डीआईजी लखनऊ और बीएसएफ के डीजी सरकारी ड्यूटी पर थे मगर अभी इस बारे में जानकारी ली जा रही है। फिलहाल शासन की तरफ से इस मामले में जांच का कोई आदेश नहीं मिला है।’-देवेश चतुर्वेदी, कमिश्नर