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साधु के इस चमत्कार को पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे

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साधु संतों के चमत्कार की बातें आपने कई बार सुनी होगी। एक साधु के चमत्कार की बात हम भी आपको बताते हैं जिसे पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे। हम जिस साधु की बात कर रहे हैं वह हैं भगवान शिव की नगरी काशी के रहने वाले साधु।
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इनके चमत्कार की कहानी सुनकर पटियाला नरेश महाराज भूपेन्दर सिंह ने भी इन्हें अपने महल में बुलाया। कारण यह था कि उन दिनों महाराज को दिल का दौरा पड़ा था और गंभीर रूप से बीमार थे।

ऋषिकेश से एक साधु महल में पधारे। साधु ने कहा कि बनारस के महान संत का आशीर्वाद प्राप्त कर लें तो उनकी बीमारी दूर हो सकती है। लेकिन उस महान संत का नाम पता वह कुछ भी पता नहीं गए।
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साधु का चमत्कार, सब हुए हैरान

महाराज ने सभासदों से कहा बनारस के महान संत को ढूंढकर लाएं। बड़ी मुश्किल से सभासदों की मुलाकात बनारस के महान संत से हुई। संत राज दरबार में पधारे। महाराज भूपेन्दर सिंह ने साधु को बहुमूल्य उपहार दिए लेकिन साधु ने उपहार लेने से इंकार कर दिया। महाराज को यकीन हो गया कि यह वही महान साधु जिकसी बात ऋषिकेश के संत कह गए थे।

महाराज से कुछ समय बात करने के बाद साधु ने अपने चेले से कहा कि लोगों को हॉल से बाहर चले जाने को कहें, क्योंकि वह महाराज के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करेगा। साधु ने कहा-"मैं हिमालय के पार जाकर गुरु से भेट करके महाराज के लिए आशीर्वाद प्राप्त करूंगा।"

संत ने पगड़ी से अपना चेहरा ढंक लिया और हॉल में अकेले बैठकर ध्यान लगाने लगा। साधु का चेला बोला देखिए अब साधु महाराज उड़ने वाले हैं।
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क्या चमत्कार से स्वस्थ हुए महाराज


कुछ ही देर में साधु जमीन से एक गज ऊपर उठा हुआ था। सभी लोग भगवान का ध्यान करने लगे इसी बीच तरह-तरह की आवाजें आने लगी।

चेले ने कहा कि गुरू जी अब हिमालय पर गुरू गोरखनाथ जी के पास चले गए हैं। हॉल में बात चीत की हल्की आवजें सुनाई दे रही थी जो साधु और गोरखनाथ के बीच हो रही थी। कुछ देर बाद फिर विचित्र आवाजें आने लगी। और साधु अपने आसन पर नजर आने लगे।

महाराज को लगा कि अब उनका स्वास्थ्य ठीक हो जाएगा। लेकिन कुछ ही दिनों में यह राज खुला की वह साधु अपने चेलों के साथ मिलकर भ्रम और ठगी का काम करता था। जिस दिन यह राज खुला उसी दिन महाराज की मौत हो गई।
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