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UPSC Result : रैंक-2 वाली गरिमा के पूर्वज राजस्थान से आए थे बक्सर, औसतन 17 घंटे की पढ़ाई से आया रिजल्ट

Tue, 23 May 2023 08:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Garima Lohia UPSC 2nd Topper : गरिमा के चाचा अमिताभ लोहिया ने 'अमर उजाला’ से बातचीत में गरिमा की लगन और मेहनत का पूरा विवरण कह सुनाया। गरिमा बचपन से ही पढ़ने में लगनशील थी। वह औसतन 17-18 पढ़ाई करती थी। कड़ी मेहनत के बाद उसने यह मुकाम हासिल की।
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अपने परिवार के साथ टॉपर गरिमा लोहिया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 लाने वाली गरिमा लोहिया के घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया है। सीएम नीतीश कुमार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गरिमा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। काफी संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद पूरे देश में परचम लहराने वाले इशिता के सिर से पिता का साया 2015 में ही उठ गया था। मां हाउसवाइफ हैं। इसके बाद मां ने ही संभाला। कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। मां ने कहा इसके पिता चाहते थे कि IAS बने। 10वीं तक की पढ़ाई बक्सर से ही की। इसके बाद दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक किया।

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गरिमा के पूर्वज 150 साल पहले राजस्थान से आए थे
गरिमा लोहिया के दादा नारायण प्रसाद लोहिया समेत पूरा परिवार इस खुशी से फूला नहीं समा रहा। लोहिया परिवार बक्सर में करीब 150 साल से है। पूर्वज राजस्थान यहां आकर बसे थे। गरिमा के पिता स्व. मनोज कुमार लोहिया कपड़े का व्यवसाय करते थे। करीब चार साल पहले बीमारी में उनकी मौत के बाद गरिमा की मां सुनीता देवी की हिम्मत और पूरे परिवार के साथ ने इस उपलब्धि तक पहुंचाया। इसी परिवार के अमिताभ लोहिया ने 'अमर उजाला’ से बातचीत में गरिमा की लगन और मेहनत का पूरा विवरण कह सुनाया। गरिमा बचपन से ही पढ़ने में लगनशील थी। वह औसतन 17-18 पढ़ाई करती थी। कड़ी मेहनत के बाद उसने यह मुकाम हासिल की। चाचा राकेश लोहिया और रौशन लोहिया बिजनेस में ही हैं।
ऑल इंडिया रैंक 1 लाने वाली इशिता हैं पटना सिटी की
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गरिमा ने मां को दिया अपनी सफलता का श्रेय
गरिमा ने अमर उजाला से खास बातचीत करने हुए कहा कि कोरोना के दौरान कोचिंग नहीं कर सकती थी। इसलिए बक्सर में रहकर ऑनलाइन कोर्सेस से ही तैयारी की। सामान्य ज्ञान के लिए सोशल साइट्स की मदद ली। इस परीक्षा में तैयारी बहुत मुश्किल होती है। इसका मतलब यह नहीं होता कि हम निराश नहीं हों। आपको जो चीज खुशी देती हो, वह करें, परिवार के साथ रहें और मनोबल बढ़ाते रहें। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया।
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