19 अगस्त को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल भी आए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक, मंत्रणा हुई और दिल्ली से विधानसभा चुनाव 2022 का मंत्र लेकर लखनऊ लौट गए। रास्ते में ही योगी आदित्यनाथ को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तबियत बिगड़ने की जानकारी मिली। इसलिए वह सीधे कल्याण सिंह को देखने, उनका हाल जानने एसजीपीजीआई पहुंच गए। वहां राज्य के चिकित्सा मंत्री भी थे। जो मंत्र लेकर मुख्यमंत्री पहुंचे हैं, वह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास ही बताया जा रहा है।
निर्णय लेने में नहीं हिचकने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने विधानसभा सत्र को समय से पहले ही समाप्त करने पर सहमति दे दी थी। अब सरकार की योजना राजनीतिक तैयारी को तेजी से आगे बढ़ाने की है। इस कड़ी में अन्य पिछड़ों को आरक्षण देने से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। अब इसमें आने वाली जातियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाना है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी चाहते हैं कि राज्य को इसमें सावधानी के साथ कदम उठाना चाहिए। भाजपा के रणनीतिकार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाबत इसे तुरुप का पत्ता मान रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि इसके जरिए सामाजिक रूप से पकड़ मजबूत की जा सकती है।