प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना के तहत बने अंडरपास और मुख्य सुरंग में की गई चित्रकारी की जम कर प्रशंसा की। उन्होंने इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया और कहा कि सप्ताह में एक दिन कुछ घंटों के लिए यहां वाहनों का परिचालन बंद कर विद्यार्थियों को घूमने का अवसर दिया जाए।
विदेश मंत्रालय दूसरे देशों के राजनयिकों को यहां आमंत्रित करें। वह खुद भी सांसदों से अपने परिजनों के साथ यहां आने का आग्रह करेंगे। पीएम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से 55 लाख लीटर ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में कमी आएगी। उन्होंने अग्निपथ योजना की ओर इशारा करते हुए कहा कि कई अच्छी पहल को राजनीतिक रंग दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट और नया संसद भवन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अच्छी तरह से जुड़ी दुनिया की उभरती हुई बेहतरीन राजधानियों में से एक है। आने वाले दिनों में देश की राजधानी चर्चा का विषय बनेगी और सभी देशवासियों को इस पर गर्व होगा। पीएम ने इस परियोजना को केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली को बुनियादी ढांचे का सुंदर उपहार और नए भारत के संकल्प का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके कारण दिल्ली एनसीआर की ट्रैफिक की गंभीर समस्या के साथ प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा करोना महामारी और अदालती अड़चनों जैसी मुश्किलों के कारण इतने कम समय में इस परियोजना को पूरा करना आसान नहीं था। जिन सड़कों के इर्द-गिर्द ये कॉरिडोर बना है वो दिल्ली की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक है। जो टनल बनी है उसके ऊपर सात रेलवे लाइन गुजर रही हैं।
गतिशक्ति मास्टर प्लान की बताई खूबी
तय समय पर परियोजना पूरा करने की खुशी जाहिर करते हुए पीएम ने गतिशक्ति मास्टर प्लान की खूबियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि गतिशक्ति सबको विश्वास में लेकर सबका प्रयास का एक माध्यम बन गया है। परियोजना पूरा होने में देर न लगे, इसके लिए सरकार चाहती है कि सारे विभाग मिल कर काम करें। हर विभाग को सभी योजनाओं की पूरी जानकारी हो।