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Agnipath: सेना में नौकरी के इच्छुक युवाओं ने बयां किया दर्द, बोले- बेरोजगार युवा अग्निपथ से निराश क्यों? केंद्र इसे समझे

Sun, 19 Jun 2022 05:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवाओं ने अपना दर्द जाहिर किया। इन युवाओं का कहना है कि अग्निपथ भर्ती कार्यक्रम और सरकार को यह महसूस करना चाहिए कि नौकरी चाहने वाले इससे निराश क्यों हैं?
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बिहार में अग्निपथ योजना का विरोध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से इसके खिलाफ कई राज्यों में उग्र प्रदर्शन हो रहा है। पिछले चार दिनों में प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में ट्रेन के डिब्बों को आग के हवाले कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। बिहार में तो स्थिति और भी बुरी है। सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन बिहार में ही हुए हैं। इस बीच इस योजना का विरोध कर रहे युवाओं ने अपना दर्द जाहिर किया। इन युवाओं का कहना है कि सशस्त्र बलों में शामिल होने के उनके सपने अल्पकालिक अनुबंध की घोषणा के साथ टूट गए हैं। उन्होंने कहा कि अग्निपथ भर्ती कार्यक्रम और सरकार को यह महसूस करना चाहिए कि नौकरी चाहने वाले इससे निराश क्यों हैं?

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केंद्र को देश के बेरोजगार युवाओं के दर्द को समझना चाहिए

इस योजना का विरोध करने वाले विकास रंजन ने कहा कि केंद्र को देश के बेरोजगार युवाओं के दर्द को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अल्पकालिक संविदा रोजगार कार्यक्रम सशस्त्र बलों में स्थायी नौकरियों को नष्ट करने के लिए एक डिजाइन के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर भारत के बारे में बात करते हैं, तो क्या यह 'अग्निपथ योजना' सेना की नौकरी के इच्छुक लोगों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा? हालांकि, नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध में रंजन अकेले नहीं हैं।

युवाओं का खो दिया विश्वास
एक अन्य युवा अभिषेक सिंह ने कहा कि एनडीए चुनाव जीत सकता है, लेकिन वह युवाओं का विश्वास हासिल करने में विफल रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की इस सरकार ने नौकरी की मांग कर रहे युवाओं का विश्वास खो दिया है। अग्निपथ योजना की घोषणा से हमारे सपने टूट गए हैं। गौरतलब है कि अभिषेक सिंह आरा में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से स्नातक और पिछले दो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। 
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एक अन्य प्रदर्शनकारी हर्षित भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अल्पकालिक संविदा भर्ती योजना बिना दिमाग लगाए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित सरकार देश की सुरक्षा के लिए अनुबंध के आधार पर लोगों की भर्ती कैसे कर सकती है। सरकार देश की सुरक्षा के साथ समझौता कर रहे हैं।

बिहार में लगातार हो रहा विरोध
बिहार में शनिवार को अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लगातार चौथे दिन हिंसा और आगजनी की गई। जिसके बाद पुलिस ने भी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 18 जून को राज्य भर में कुल 250 लोगों को गिरफ्तार किया और 25 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

 अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए पटना की एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज के सहायक प्रोफेसर विद्यार्थी विकास ने कहा कि ऐसे समय में जब बेरोजगारी की दर काफी बढ़ गई है तब ऐसी योजनाओं के पीछे सरकार के उद्देश्य को समझना मुश्किल है। 

गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार को इस योजना को लांच करते हुए कहा था कि यह कार्यक्रम देशभक्त और प्रेरित युवाओं को चार साल तक सशस्त्र बलों में सेवा करने का मौका देगा।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा था कि यह योजना देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लाई गई है। उन्होंने कहा था कि यह एक परिवर्तनकारी योजना है। 

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