एक विशेष कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जब्त की गई 440 करोड़ रुपये की संपत्ति को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को लौटाने की मंजूरी दी है। ये संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त की थी।
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पीएनबी से धोखाधड़ी करके क्रेडिट सुविधा हासिल कर 14,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट के विशेष न्यायाधीश वीसी बार्डे ने यह आदेश पिछले हफ्ते दिया था।
पीएनबी ने इसी साल जुलाई में कई याचिकाएं दायर कर इन संपत्तियों को लौटाने की मांग की थी। इन संपत्तियों को नीरव की दो कंपनियों फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (एफडीआईपीएल) और फायरस्टार इंटरनेशनल (एफआईएल) को क्रेडिट सुविधा देने के लिए बैंक के पास गिरवी रखा गया था। पीएनबी ने निजी वादी और पीएनबी संघ के प्रमुख बैंक के तौर पर और यूबीआई संघ के अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर आवेदन दाखिल किया था।
कोर्ट ने संपत्ति दिए जाने के अनुरोध वाली दो याचिकाओं को स्वीकार किया था जिनमें 108.30 करोड़ रुपये की एफआईएल और 331.60 करोड़ रुपये वाली एफडीआईपीएल शामिल है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता बैंक को हुए नुकसान को डीआरटी (ऋण वसूली अधिकरण) ने स्वीकार किया है, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।
ईडी ने जांच के दौरान नीरव की कई संपत्तियों को जब्त किया था। कोर्ट ने पीएनबी को यह लिखित में देने को कहा है कि अगर भविष्य में उन्हें संपत्तियां अथवा उसका मूल्य लौटाने के निर्देश दिए जाते हैं तो वे उसे लौटा देंगे। नीरव इन दिनों ब्रिटेन की एक जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।