महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए वहां अब क्राउड मैनेजमेंट पर भी जोर दिया जाएगा। पर्व-त्योहारों पर यहां दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार होती है, इसलिए उनकी सुविधा के लिए अनेक उपाय किए जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों को एक कतार में खड़े करना एक बड़ी चुनौती होती है।
दर्शनार्थियों को सुविधा के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी गुजरात के सोमनाथ और अन्य प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर एक अस्थायी बैरिकेडिंग करने जा रही है। इस योजना पर छह करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। इस अस्थायी बैरिकैडिंग के लिए एजेंसी तय हो गई है, जिस पर वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद काम शुरू होगा।
फिलहाल के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने पहले चरण में 96 करोड़ रुपये का महाकाल-रुद्रसागर प्रोजेक्ट लागू किया है, इसमें पब्लिक प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, लोटस पोड, शिव स्तंभ, रुद्रसागर फ्रंट कॉरिडोर और अन्य सुविधाओं के काम कराय जा रहे हैं।
स्मार्ट सिटी कंपनी के विशेषज्ञों ने देश के प्रमुख मंदिरों का अध्ययन करने के बाद क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत तैयार हो रहे नए प्रवेश द्वार से महाकाल कॉरिडोर होकर फेसिलिटी सेंटर-2 तक ऐसे अस्थायी बैरिकेड्स लगाए जाएंगे, जिन्हें जरूरत के समय लगाया जा सके और सामान्य तौर पर हटाया जा सके।
ऐसी व्यवस्था पूरे कॉरिडोर में की जाएगी। पर्व-त्यौहार पर ऐसे बैरिकेड नियंत्रित किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी सीईओ जितेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, क्राउड मैनेजमेंट के तहत एक लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान समय में पुलिस के बैरिकेड्स लगाकर ये व्यवस्था की जा रही है। हालांकि इसे हटाने में काफी मेहतन लगती है।
महाकाल मंदिर में श्रद्धालु
- शिवरात्रि, नागपंचमी, महासवारी - 1-1.50 लाख
- शनिवार-रविवार, श्रावण - 30 हजार
- सामान्य दिन - 15-20 हजार
कमांड और कंट्रोल सेंटर से निगरानी
इसके अलावा महाकाल मंदिर के आसपास व्यवस्था पर निगरानी करने के लिए कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा। इस सेंटर पर वॉच टॉवर भी होगा। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जाएगी। सीसीटीवी के माध्यम से हर जगह भीड़ की स्थिति पता चलेगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे परिसर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी रहेगा।