देशभर में जारी कोरोना के कहर के बीच इसे लेकर सियासी घमासान भी जारी है। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद से राज्य की राजनीति गरमा उठी। उन्होंने कल यानी शुक्रवार (21 मई) को एक वर्चुअल प्रेस वार्ता की। इस दौरान कमलनाथ ने कहा कि दुनियाभर में देश की पहचान इंडियन कोरोना के नाम से बन गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आगे कहा, 'इसकी शुरुआत चीनी कोरोना से हुई थी। अब यह भारतीय वेरिएंट कोरोना है। आज, भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कोविड-19 के भारतीय संस्करण से डरते हैं। हमारे वैज्ञानिक इसे भारतीय संस्करण कह रहे हैं। सिर्फ भाजपा के सलाहकार ही नहीं मान रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे (सरकार) कोविड से नहीं लड़ रहे हैं बल्कि आलोचना से लड़ रहे हैं, कुछ पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया है। वह छवि बनाने में लगे हुए हैं न कि कोविड प्रबंधन में। कल, मैंने उन लाशों के बारे में जानकारी मांगी थी जो दाहगृहों में लाए गए थे। वो दुनिया से झूठ बोल रहे हैं और मध्यप्रदेश इसका एक उदाहरण है।
कमलनाथ ने कहा कि मैंने खुद गणना की है, अखबारों में 26 जिलों की जानकारी थी और बाकी जिलों से जानकारी जुटाई। मार्च और अप्रैल में दाहगृहों में एक लाख 27 हजार शव पहुंचे थे। मेरे हिसाब से इनमें से 80 फीसदी लोगों की मौत कोविड की वजह से हुई थी।
सरकार पर लगाया आरोप
इसके अलावा कमलनाथ ने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि इंडियन कोरोना से सब डर रहे हैं। सारी उड़ानें बंद करो। जो लोग पढ़ाई और नौकरी के लिए विदेश जाने वाले थे, उनकी एंट्री बंद कर दी गई है। वहां यह कहा जा रहा है कि यह इंडियन कोरोना ले आएंगे। यह आज अपने देश की पहचान बन गई है। मेरा भारत महान तो छोड़िए मेरा भारत कोविड का बन गया है।' इस दौरान कमलनाथ ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को छुपा रही है।
भाजपा ने किया विरोध
इधर, भाजपा ने कमलनाथ के बयान पर अपनी नाराजगी जताई है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के मुंह से भारत के लिए अपमानजनक शब्द सुनकर स्तब्ध और दुखी हूं। कुछ दिन पहले हमने अरविंद केजरीवाल के मुंह से भारतीय कोरोना संस्करण और सिंगापुर पर फेक बयान सुना। अब कमलनाथ भी इसे इंडियन कोविड कह रहे हैं। यह जानबूझकर कह रहे हैं। हर जगह वहां सवाल उठाना जहां देश का अपमान हो।'
जावड़ेकर ने भी दी प्रतिक्रिया
इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘वह (कमलनाथ) कोरोना को इंडियन वैरिएंट कह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पहचान, मेरा भारत कोविड। यह भारत का अपमान है। कांग्रेस के अन्य नेता भी इस तरह के बयान दे रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश का नाम कोरोना के किसी वैरिएंट से नहीं जोड़ा गया है।’
जब देश में कोवैक्सिन को लॉन्च किया गया, तब उन्होंने इसे भाजपा का टीका कहा, लेकिन यह बहुत कारगर साबित हुआ। अब वे कोवैक्सिन के कारण यात्रा प्रतिबंध की बात कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस न केवल देश का अपमान कर रही है बल्कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर भी कर रही है।