फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Goa Election 2022 Date: गोवा में वैलंटाइंस डे पर मतदान, जानें 40 सीटों का हर समीकरण

Sun, 09 Jan 2022 01:04 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Goa Election 2022 Date: पिछली बार गोवा में चार फरवरी को मतदान हुआ था और 11 मार्च को मतगणना हुई थी। यहां अभी भाजपा की सरकार है और प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री हैं। 
विज्ञापन
गोवा विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोवा की सभी 40 सीटों पर इस बार 14 फरवरी को मतदान होगा। इसके लिए 21 जनवरी को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 28 जनवरी तक नामांकन होंगे और नामांकन की जांच 29 जनवरी को होगी। 31 जनवरी तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। पिछली बार यहां चार फरवरी को मतदान हुआ था औरवोटों की गिनती 11 मार्च 2017 को हुई थी। 
विज्ञापन

 
मुख्यमंत्री पद के चेहरे

1.प्रमोद सावंत: मौजूदा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत आगामी चुनाव में भी भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। हालांकि, विश्वजीत राणे भी भाजपा का लोकप्रिय चेहरा हैं।  
2. दिगंबर कामत: 2007 से 2012 तक गोवा के मुख्यमंत्री रहे दिगंबर कामत इस बार भी कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो सकते हैं। कांग्रेस ने दिसंबर में ही आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए थे। इनमें कामत का नाम भी शामिल है। 3. आम आदमी पार्टी ने भी अभी तक गोवा में मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, अब तक आए सर्वे में आप को गोवा में कुछ सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 
विज्ञापन


विज्ञापन

चुनाव प्रचार के चेहरे

गोवा विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र मोदी: हर चुनाव की तरह गोवा में भी भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी।
राहुल गांधी: कांग्रेस के लिए पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी प्रचार का चेहरा होंगे। उनके साथ पार्टी महासचिव और राहुल की बहन प्रियंका गांधी भी यहां प्रचार करने आ सकती हैं। 
अरविंद केजरीवाल:  आम आदमी पार्टी के लिए अन्य राज्यों की तरह ही गोवा में भी अरविंद केजरीवाल ही चुनाव प्रचार का चेहरा हैं। केजरीवाल ने चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य के दौरे कर चुके हैं। 

चुनाव के बड़े मुद्दे
1. खनन:
दक्षिण गोवा का सबसे बड़ा मुद्दा खनन है। 2012 से पहले राज्य की अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी पर्यटन से भी ज्यादा थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में दस साल से खनन बंद है। इस चुनाव में सभी पार्टियां सत्ता में आने पर इसे दोबारा शुरू कराने का वादा कर रही हैं। आम आदमी पार्टी ने तो सत्ता में आने के छह महीने के भीतर इसे दोबारा शुरू कराने का वादा किया है।  
2. बेरोजगारी: युवाओं में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। कोरोना की वजह से पर्यटन पर पड़े बुरे असर ने इसे बढ़ाने का काम किया है। पिछले 10 साल से बंद पड़े खनन कारोबार ने भी इसे बढ़ाया है। पहले राज्य की अर्थव्यवस्था में लौह अयस्क के खनन की हिस्सेदारी करीब 75% थी।  
3. भ्रष्टाचार: गोवा में भ्रष्टाचार भी चुनावी मुद्दा है।  विपक्ष राज्य में भ्रष्टाचार को मुद्दा बना रहा है। अरविंद केजरीवाल ने तो गोवा को पहली भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वादा किया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें