बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि वो सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेंगे और नीतीश से जवाब लेकर रहेंगे। राज्य सरकार के खिलाफ उनका आंदोलन चंपारण से शुरू होगा। बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि नैतिकता, भ्रष्टाचार और परिवारवाद सब कुछ हमारे ऊपर ही लागू होता है।
नीतीश कुमार ने सिर्फ मुझे मोहरा बनाया लेकिन अब सारी नीतियां धरी की धरी रह गईं। तेजस्वी ने कहा कि जिन लोगों के बेटे, दामाद चुनाव हार गए उन्हें नैतिकता की दुहाई देने वाले नीतीश कुमार मंत्री बना रहे हैं। जाति के नाम पर लोगों को बांटने वाले लोग जमात की बात करते हैं। नीतीश की अंतरात्मा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुर्सी और वक्त के हिसाब से नीतीश की अंतरात्मा बदलती और जागती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश मंडल कमीशन के दौर में कमंडल के साथ भागे थे। मंडल के लोगों को जब भी साथ देने की बात आती है तो नीतीश पीठ दिखा कर भाग जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि वो यूज एंड थ्रो की पॉलिटिक्स करते हैं। आज समता पार्टी के जमाने के केवल ललन सिंह ही उनके साथ हैं।
लगभग 40 मिनट लंबे प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने कहा कि नीतीश ने हम पर एफआईआर को महागठबंधन तोड़ने का पैमाना बनाया, लेकिन नई सरकार के 75 फीसदी मंत्री दागी हैं। मेरे साथ उन्हें बैठने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन सुशील मोदी पर पांच केस दर्ज हैं। ऐसे में वो कैसे उनके साथ सरकार में बैठे हैं। हम लगातार सीएम से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन वो लगातार इसका जवाब देने से भाग रहे हैं।
शरद यादव की राजद में आने की संभावना वाले सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि शरद यादव नाराज हैं और उनकी लालू प्रसाद और हमसे लगातार बात हो रही है। भ्रष्टाचार को अपना एजेंडा बताते हुए तेजस्वी ने कहा कि पनामा मामले में भाजपा शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे और उद्योगपतियों का नाम आया है, उन पर क्या कार्रवाई हो रही है।
इस घोटाले में अब तक दो देशों के प्रधानमंत्री को नपना पड़ा, लेकिन भारत में इसको लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। उसमें अगर लालू प्रसाद का या हमारे परिवार के किसी सदस्य का नाम होता तो फिर देखते ये कितना कुछ करते।