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नर्सिंग की पढ़ाई करना हुआ महंगा, एडमिशन के लिए अब भरनी पड़ेगी इतनी फीस

Wed, 02 Aug 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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अगर आप नर्स‌िंग करने की सोच रही हैं तो अब आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। नर्स‌िंग की पढ़ाई अब महंगी हो गई है। सभी कॉलेजों ने एडम‌िशन की फीस बढ़ा दी है।
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दरअसल, उत्तराखंड में नर्सिंग कालेजों की फीस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बुधवार को प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की बैठक में यह तय किया गया। इसके साथ ही निजी मेडिकल कालेजों के मामले में निर्णय नौ अगस्त को सुनाया जाएगा। समिति ने रुद्रपुर के द्रोण कालेज ऑफ एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी के डीबीए और बीएसए की फीस का भी निर्धारण कर दिया। इस कालेज की फीस पहली बार तय की गई है।

प्रदेश के मेडिकल विश्वविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और कालेजों की फीस निर्धारण के संबंध में प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की बैठक बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में हुई। इस दौरान फीस निर्धारण के विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
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अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह नेे बताया कि नर्सिंग कालेजों की फीस तय कर दी गई है। अभी तक जो फीस ली जा रही थी, उसमें 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश में 27 नर्सिंग कालेज संचालित किए जा रहे हैं।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

डेमो - फोटो : demo pic
इसके अलावा रुद्रपुर के द्रोण कालेज ऑफ एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी की डीबीए और बीएसए की फीस का निर्धारण 36,000 रुपये तय किया गया। समिति की बैठक में निजी मेडिकल विश्वविद्यालय की फीस का मामले पर गर्म बहस छिड़ गई।

समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) गुरमीत राम के समक्ष निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना और मेडिकल विवि के प्रबंधन ने अपना-अपना पक्ष रखा। निजी मेडिकल विवि के प्रबंधन का कहना था कि वे उत्तरांचल अनानुदानिक निधि व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनिमय) अधिनियम-2006 के दायरे में नहीं आते।

प्रबंधन का कहना था कि विश्वविद्यालयों का अपना एक्ट होता है। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सयाना का कहना था कि मेडिकल विवि प्रदेश के अंदर चल रहे हैं, इसलिए अधिनियम-2006 के प्रावधान लागू होने चाहिए। इस संबंध में निर्णय रिजर्व कर लिया गया। इसे नौ अगस्त को बताया जाएगा। इसके अलावा समिति के समक्ष अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। समिति में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी मौजूद रहे।
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निजी नर्सिंग कालेजों में अभी ली जा रही फीस

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प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के समक्ष अभिभावकों ने भी अपना पक्ष रखा। अभिभावकों की शिकायत थी कि निजी मेडिकल विवि चयनित छात्रों को अपने यहां प्रवेश नहीं दे रहे हैं। इससे अभिभावक परेशानी में हैं। डेढ़ सौ छात्र नीट से चयनित हुए हैं। इस पर प्रबंधन ने कहा कि वे अधिनियम-2016 के दायरे में नहीं है। विवि का अपना एक्ट होता है।

निजी नर्सिंग कालेजों में अभी ली जा रही फीस
एएनएम
राज्य कोटा-33,500 रुपये
प्रबंधन कोटा-37,700 रुपये
जनरल नर्सिंग मिडवाइफ (जीएनएम)
राज्य कोटा-45,000 रुपये
प्रबंधन कोटा-55,000 रुपये
बीएससी
राज्य कोटा-55,000 रुपये
प्रबंधन कोटा-65,000 रुपये 
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